नूरपुर। आजादी के आंदोलन में अपने प्राणों की आहूति देने वाले रिक्खी सिंह व परवीन सिंह के शहादत दिवस पर शहीद स्थल के पास मेले का आयोजन किया गया। इस दौरान शहीद स्थल पर बने शहीद स्तंभ पर पुष्प अर्पित कर दोनों शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई।
16 अगस्त 1942 को थाने पर तिरंगा फहराते हुए ब्रिटिश पुलिस की गोली लगने से ग्राम अस्करीपुर निवासी रिक्खी सिंह व ग्राम गुनियाखेड़ी निवासी परवीन सिंह शहीद हो गए थे। उनकी याद में थाने के ठीक सामने शहीद स्थल बना हुआ है। प्रत्येक वर्ष 16 अगस्त को शहीद स्थल पर मेला व गोष्ठी का आयोजन किया जाता है।
मंगलवार को कार्यक्रम की शुरुआत पुलिस बैंड द्वारा राष्ट्रगान की धुन बजाकर की गई। गोष्ठी को संबोधित करते हुए संयुक्त विकास आयुक्त कृष्ण पांडेय ने कहा कि करीब 90 वर्ष की गुलामी के बाद अनगिनत शहादत देने के बाद देश आजाद हुआ। देश के लिए शहीद हुए देशभक्तों के जीवन से हमे प्रेरणा लेनी चाहिए। गोष्ठी में उपायुक्त गजेंद्र प्रताप सिंह, एएसपी ग्रामीण रामअर्ज, एसडीएम चांदपुर मांगेराम चौहान, पूर्व राज्यमंत्री महावीर सिंह ने विचार रखे। कार्यक्रम में शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में अध्यक्षता स्वतंत्रता सेनानी लेखराज सिंह एवं संचालन विजय कुमार एडवोकेट ने किया।