-कैंसर में होने वाले दर्द में भी होम्योपैथिक दवा से मिलती है राहत
-सम्मेलन में होम्योपैथी को नंबर एक पैथी बनाने पर दिया जोर
-बिजनौर में पहली बार हुआ राष्ट्रीय होम्योपैथिक कॉफ्रेंस का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। महात्मा विदुर की धरा बिजनौर में पहली बार राष्ट्रीय होम्योपैथिक कॉफ्रेंस 2024 का आयोजन हुआ। इसमें कैंसर, हार्ट अटैक, मिर्गी सहित अन्य गंभीर बीमारियों के निवारण पर चर्चा की गई। डॉ. रजनीश शर्मा ने कहा कि भले ही ये गंभीर बीमारी है, मगर इनका होम्योपैथी में भी इनका इलाज संभव है। चिकित्सक भी लक्षणों के आधार बिना घबराएं गंभीर बीमारी का इलाज करें।
बिजनौर पब्लिक स्कूल में आयोजित राष्ट्रीय होम्योपैथिक कॉफ्रेंस में डॉ. प्रियंका मौर्या ने होम्योपैथी के प्रचार, प्रसार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि होम्योपैथी को हमें नंबर एक पैथी बनाना है। इसके लिए चिकित्सकों को अपने ठीक हुए मरीजों का रिकॉर्ड संभालकर रखना चाहिए। वहीं डॉ. कपिल शर्मा ने गदूद बढ़ना, यूरोलॉजी की बढ़ती समस्या पर अपने विचार रखें। उन्होंने बताया कि यह बीमारी होम्योपैथिक दवा से आसानी से ठीक हो सकती है। इसके अलावा डॉ. दीपक शर्मा ने महिलाओं में होने वाली पीसीओडी (पॉलीसिस्टिक ओवरी डिजिज) के बारे में बताया। यह समस्या महिलाओं में पुरुष हार्मोन की अधिकता होने की वजह से होती है। इसका मुख्य कारण मानसिक परेशानी को बताया।
डॉ. रजनीश ने यह भी कहा कि होम्योपैथिक दवा से कई मरीज ठीक नहीं होता है। इसके लिए चिकित्सक को मरीज का दोबारा लक्षणाें को देखते हुए बारीकी से दवाई शुरू करें। वहीं सम्मेलन में डॉ. नवनेष कोठारी ने बताया कि पश्चिम क्षेत्र में होम्यापैथिक के मरीज अधिक हैं। मगर होम्योपैथी को पढ़ने और पढ़ाने वाले बहुत कम हैं। होम्योपैथी की ओर बच्चों को नई दिशा दें। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य होम्योपैथी में हो रहे नए प्रयोग एवं नई रिसर्च को मानवता की भलाई के लिए जन-जन तक पहुंचाना है। इस मौके पर डॉ. निरुपमा अग्रवाल, डॉ. हिमांशु दक्ष आदि मौजूद रहे।