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Bijnor: जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस की दवाइयां उपलब्ध, पर जांच के लिए जाना पड़ता है 80 किलोमीटर दूर

Thu, 28 Jul 2022 12:18 AM IST
मेरठ ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बिजनौर

सार

उत्तर प्रदेश के बिजनौर में हेपेटाइटिस के मरीजों के लिए जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस की दवाइयां उपलब्ध हैं, लेकिन मरीजों को जांच के लिए मेरठ मेडिकल कॉलेज जाना पड़ता है। जिले में हेपेटाइटिस की सामान्य जांच तो हो रही है लेकिन वायरल लोड की जांच के लिए 80 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है।
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हेपेटाइटिस-सी टेस्ट - फोटो : iStock
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के बिजनौर में हेपेटाइटिस के मरीजों को आसानी से इलाज मिल रहा है। जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस की दवाइयां उपलब्ध हैं, लेकिन मरीजों को जांच के लिए 80 किलोमीटर दूर मेरठ मेडिकल कॉलेज जाना पड़ता है। हेपेटाइटिस के कीटाणुओं की संख्या बताने वाली जांच, जिसे वायरल लोड कहते हैं, वह जिला अस्पताल में नहीं होती है।

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चिकित्सकों के मुताबिक हेपेटाइटिस आमतौर पर लीवर पर प्रभाव डालता है। जिले में हेपेटाइटिस-बी और सी के ज्यादा मरीज देखने को मिल रहे हैं। जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस-बी और सी के करीब 80 मरीज रजिस्टर्ड हैं। मरीजों को अब दवाई के लिए मेरठ या बाहर कहीं जाने की जरूरत नहीं पड़ रही है।

जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस-बी और सी की दवाइयां भी उपलब्ध हैं पर जांच के लिए मेरठ मेडिकल कॉलेज ही जाना पड़ रहा है क्योंकि जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस की सामान्य जांच होती है। जिससे पता चलता है कि मरीज को हेपेटाइटिस बीमारी है या नहीं, लेकिन यह पता नहीं चल पाता है कि मरीज में हेपेटाइटिस के कीटाणु कितने प्रतिशत हैं। यह जानकारी वायरल लोड जांच के बाद मिलती है, जो आसपास में मेरठ मेडिकल कॉलेज में हो रही है।
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नहटौर और धामपुर में भी हेपेटाइटिस के सेंटर
जिला अस्पताल के अलावा जिले में हेपेटाइटिस के दो सेंटर नहटौर और धामपुर बनाए गए हैं। क्योंकि उधर क्षेत्र से आने वाले मरीजों का बिजनौर जिला अस्पताल में आने में काफी समय और पैसा लगता है। जिसके चलते अब जल्द ही नहटौर और धामपुर में भी हेपेटाइटिस की दवाइयां उपलब्ध होंगी।

हेपेटाइटिस बीमारी लीवर को कर रही प्रभावित 
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. आरएस वर्मा ने बताया कि हेपेटाइटिस की दवाई तीन से छह महीने तक लगातार चलती है। अगर समय से इलाज शुरू नहीं होता है, तो हेपेटाइटिस मरीज के लीवर को प्रभावित करता है। जिला अस्पताल में भी हेपेटाइटिस के मरीज आ रहे हैं।

जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस की सामान्य जांच
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अरुण कुमार पांडेय ने बताया कि हेपेटाइटिस की अस्पताल में दो तरह की दवाइयां उपलब्ध हैं। हेपेटाइटिस की सामान्य जांच हो रही है, लेकिन वायरल लोड की जांच के लिए मेरठ मेडिकल कॉलेज में जाना पड़ता है।

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