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Bijnor News: कोटावाली नदी पर बने नवनिर्मित फोरलेन पुल से आवागमन शुरू

Mon, 01 Apr 2024 05:14 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
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भागूवाला/नजीबाबाद। क्षेत्र के कोटावाली नदी रपटे से अब भारी वाहनों को नहीं गुजरना पड़ेगा। काशीपुर-हरिद्वार फोरलेन के कोटावाली नदी पर बने नवनिर्मित पुल से वाहनों को आवागमन शुरू हो गया है। जिससे बसों सहित भारी वाहनों को आवागमन में राहत मिलेगी।
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भागूवाला की कोटावाली नदी पर वर्ष 2001 में पुल बनाया गया था, लेकिन वर्ष 2017 में इस पुल के तीन पिलर और स्पान में तकनीकी खराबी आ गई थी। जिस कारण पुल से भारी वाहनों के आवागमन को बंद कर दिया गया। एनएचए ने कोटावाली नदी में रपटा बनाकर भारी वाहनों आवागमन शुरू कराया था। बरसात में पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश होने से कोटावाली नदी में पानी आ जाता है, जिस कारण नदी रपटे से वाहनों का आवागमन थम जाता था।
काशीपुर-हरिद्वार फोरलेन हाईवे का निर्माण शुरू होने से कोटावाली नदी पर फोरलेन पुल बनाने का कार्य शुरू हुआ। मार्च में पुल को हाईवे से जोड़कर नवनिर्मित पुल से भारी वाहनों का आवागमन शुरू करा दिया गया है।
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- नदी में पानी आने से रातभर खड़े रहते थे भारी वाहन
नजीबाबाद। बरसात में कोटावाली नदी ऊफान पर रहती है। नदी में पानी आने से रपटे से गुजरने वाली रोडवेज बसों सहित भारी वाहनों को घंटों तक आवागमन के लिए इंतजार करना था। जिससे नदी रपटे के दोनों ओर लंबा जाम भी लग जाता था। नदी का पानी कम होने पर ही भारी वाहन अपने गंतव्य को रवाना होते थे, जबकि दोपहिया और छोटे वाहन कोटावाली नदी के पुराने पुल से होकर गुजरते थे।
- जोखिम भरे सफर से मिली निजात
नजीबाबाद। कोटावाली नदी पर बने फोरलेन पुल को यातायात के लिए खोले जाने से अब जोखिम भरे सफर से निजात मिलेगी। दरअसल, बरसात में कोटावाली नदी रपटे पर पानी आने से जुलाई, 2023 में तीन यात्रियों से भरी बसें फंस गईं थीं। यात्री से भरी बस नदी क्षेत्र में फंस जाने से प्रशासन में हड़कंप मच गया था। उस दौरान बसों के यात्रियों को रेस्क्यू करके बाहर निकाला गया था।
- पुलिस-प्रशासन को भी मिली राहत
नजीबाबाद। कोटावाली नदी के नए पुल से आवागमन शुरू होने से पुलिस प्रशासन ने भी राहत की सांस ली। बरसात में नदी रपटे पर कोई अनहोनी न हो इसके लिए रपटे के दोनों ओर पुलिसकर्मी तैनात किए जाते थे। जिनका काम नदी में पानी आने पर वाहनों को नदी पार करने से रोकना होता था। बस सहित अन्य वाहनों के नदी रपटे क्षेत्र में फंस जाने की सूचना से ही पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच जाता था।
- कोटावाली नदी पर फोरलेन पुल फरवरी माह में ही बनकर तैयार हो गया था। पुल को हाइवे से जोड़कर वाहनों का आवागमन शुरू करा दिया गया है। - राजकुमार नागरवाल, परियोजना निदेशक, एनएचएआई
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