रेहड़ के गांव भटपुरा के जंगल में गुलदार की तलाश के लिए झिरना रेंज से आई दो हथनिया। स्त्रोत वन व
- अब पिंजरों को दूसरी जगहों पर लगाने की तैयारी
- तीन दिनों में दो हथिनियों को जंगल में 25 किलोमीटर घुमाया गया
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना (बिजनौर)। क्षेत्र के गांव तेलीपुरा में बृहस्पतिवार को गुलदार के हमले में युवक की मौत के बाद पिछले पांच दिनों से जंगल की खाक छान रही वन विभाग की टीम को हमलावर गुलदार का कोई सुराग नहीं मिला। विशेषज्ञों की राय पर अब दो पिंजरों की लोकेशन बदली जा रही है। तीन दिनों में दो हथिनियों से जंगल में 25 किलोमीटर कांबिंग कराई गई, लेकिन अब तक भी हमलावर गुलदार चिह्नित नहीं हो पाया है।
बृहस्पतिवार की शाम जलालपुर के जंगल में गए 20 वर्षीय संदीप की गुलदार के हमले में मौत हो गई थी। ग्रामीणों व किसान यूनियन के आक्रोश के बाद हरकत में आए वन विभाग ने आला अधिकारियों के साथ विशेषज्ञ टीम को पूरे दलबल से तेलीपुरा व जलालपुर के जंगल में उतार दिया। संभावना जताई जा रही थी कि इतनी बड़ी फौज के बाद हमलावर गुलदार पकड़ में आ जाएगा, लेकिन 120 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद भी अब तक वन विभाग की टीम खाली हाथ है। हमलावर गुलदार के चिह्नित नहीं होने के कारण वन विभाग के कर्मचारी अभी तक मचान भी नहीं बना पाए हैं।
वन विभाग बिजनौर के एसडीओ ज्ञान सिंह का कहना है कि विशेषज्ञों की राय पर दो पिंजरों की लोकेशन बदल दी गई है। उन्होंने बताया कि विशेषज्ञ व चिकित्सकों का मानना है कि जहां लोगों का आवागमन ज्यादा है, हो सकता है इसके चलते गुलदार पिंजरे के करीब नहीं आ रहा हो। उन्होंने बताया कि मंगलवार शाम दो पिंजरों को नदी किनारे ऐसे स्थान पर लगाया गया है, जहां लोगों का आवागमन बहुत कम है। उनका कहना है कि पिंजरे में बकरी के अलावा खुला मांस भी लगाया गया है। इस समय गांव में चार पिंजरे और आठ कैमरे लगे हुए हैं। वन विभाग की चार टीम लगातार गांव में पैदल व चार टीमें गाड़ियों से गश्त कर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि बुधवार को दोनों हथिनियों से करीब 25 किलोमीटर कांबिंग कराई जाएगी।