अमानगढ़ में पर्यटन : दावे बडे़, मौके पर कुछ नहीं
रजनीश त्यागी
बिजनौर। अमानगढ़ जो जल्द ही न्यू कार्बेट पार्क के नाम से जाना जाएगा, यहां पर्यटन को लेकर जिस रफ्तार से दावे हुए हैं, उतनी ही धीमी रफ्तार से विभागों ने काम किया है। वन विभाग को छोड़ दें तो यहां काम कराने वाले चार अन्य विभागों ने कुछ भी काम नहीं कराया। हालात यह हो गए हैं कि 15 नवंबर से पर्यटन शुरू करने की तैयारी तो चल रही है, लेकिन जंगल से बाहर व्यवस्था लगभग शून्य ही है। शासन से भी बजट अभी तक नहीं मिला है।
अमानगढ़ वन रेंज को पर्यटन का हब बनाने के लिए पिछले एक साल से तैयारी चल रही है। वन विभाग के साथ-साथ जिला प्रशासन भी इसमें जुटा हुआ है। अमानगढ़ जंगल के साथ-साथ बाहर भी पर्यटकों को लुभाने और उनकी सुविधा के लिए पीडब्ल्यूडी, सिंचाई विभाग, जिला पंचायत और पंचायती राज विभाग को भी कई कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई। बाकायदा इसका प्रस्ताव भी तैयार हुआ और विभागों को उनकी जिम्मेदारी के बारे में बताया गया। यह पहले ही तय हो गया था कि नवंबर माह के मध्य में पर्यटन शुरू करना है। चार माह से अधिक समय बीतने पर भी इन विभागों ने जिम्मेदारी को पूरा नहीं किया। ऐसे में पर्यटन तो शुरू होगा, लेकिन अमानगढ़ के बाहर पर्यटकों के लिए सुविधाओं का इंतजाम नहीं हो पाया है। फिलहाल वन विभाग ने अपनी केहरीपुर चौकी को ही टिकट काउंटर समेत कुछ जरूरी कार्यों के लिए तैयार किया है।
लगातार घट रहा बजट
वन विभाग ने शुरू में करीब 50 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया था और शासन को भेजा था। बजट ज्यादा होने की बात कहते हुए वन विभाग के उच्चाधिकारियों ने इसे कम करने के निर्देश दिए। अब यह घटते-घटते पांच करोड़ रुपये तक सिमट गया है।
इन विभागों को सौंपी गई थी यह जिम्मेदारी
लोक निर्माण विभाग को दिए गया कार्य - प्रवेश द्वार, सुरक्षा चौकी सोलर लाइट (केहरीपुर प्रेवश), केहरीपुर तिराहा से केहरीपुर जंगल ग्राम तक दो लेन मार्ग का सुंदरीकरण एवं मरम्मत कार्य, प्रचार-प्रसार कार्य (साइन बोर्ड)।
सिंचाई विभाग को दिए गए कार्य - पाली बांध स्थित सिंचाई विभाग के विश्राम भवन का जीर्णोद्धार, पीली बांध के तहत बोट सफारी एवं जेट्टी की स्थापना, बैठने के लिए बैंच की स्थापना, बर्ड वॉचिंग टावर की स्थापना, गोल हट की स्थापना।
जिला पंचायत को दिए गए कार्य - अमानगढ़ टाइगर के आसपास ग्राम समाज की भूमि पर पर्यटकों के प्रयोगार्थ विश्राम भवन का निर्माण कार्य।
पंचायती राज विभाग को दिए गए कार्य - केहरीपुर ग्राम के आसपास के क्षेत्रों की साफ-सफाई एवं स्कूलों का सुंदरीकरण कार्य।
हमने वैकल्पिक व्यवस्था के साथ पर्यटन की तैयारी शुरू कर दी है। कुछ व्यवस्थाएं होनी हैं, जिनके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। कुछ दिन में ही पर्यटन शुरू करने की उम्मीद है - डॉ. अनिल पटेल, डीएफओ बिजनौर