- जनपद में सोमवार को करीब 81 एमएम मूसलाधार हुई बारिश
- दिन में तीन बार बारिश रूकी और धूप निकली, फिर हुई बारिश
आंकडे़
220.00 मीटर गंगा का जलस्तर
219.00 मीटर चल रहा गंगा का पानी
81 एमएम हुई जनपद में बारिश
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर । जनपद में पिछले दो दिनों से मूसलाधार बारिश हो रही है। सोमवार को मूसलाधार बारिश हुई। बारिश से खेत जलमग्न हो गए। गंगा, मालन, रामगंगा आदि नदियां उफान पर है। गंगा का पानी लगातार खादर क्षेत्र में कटान कर रहा है। मालन, खो का पानी सैकड़ों बीघा खेतों में खड़ी फसल जलमग्न हो गई।
सुबह सवेरे से ही जनपद में बारिश हो रही है। सुबह तीन बार बारिश रुक गई। मौसम साफ हो गया और तेज धूप निकल गई। करीब दस से पंद्रह मिनट निकली तेज धूप से मौसम में गर्मी व उमस बढ़ गई। फिर से मौसम में बदलाव हुआ और फिर दिनभर तेज व धीमी गति से बारिश का सिलसिला जारी रहा। बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त रहा। बाजार में भीड़ कम दिखाई दी। किसान बारिश से खुश है और तेजी से धान की रोपाई कर रहे हैं। दोपहर से पहले तक 44.2 एमएम बारिश हुई और देर शाम तक करीब 81 एमएम बारिश हुई। गंगा का जलस्तर बढ़ने से पानी खेतों का कटान कर रहा है। अनुसंधान वेधशाला अधिकतम तापमान 32.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस मापा गया।
बारिश में भीगते हुए कटान पर पहुंचे अफसर
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, भाजपा नेता ऐश्वर्य चौधरी एडवोकेट, एसडीम मोहित कुमार ने शाम पांच बजे आकस्मिक रूप से ग्राम मिर्जापुर बांगर के निकट गंगा किनारे प्राचीन गलखा देवी मंदिर के पास पहुंचकर गंगा कटान का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि मंदिर स्थल पर कैंप करते हुए गंगा कटान रोकने को सभी आवश्यक तकनीकी उपाय करें। ताकि मंदिर को किसी भी प्रकार की क्षति न होने पाए। डीएम ने कहा कि कटान के आसपास लोहे का जाल लगाकर उसमें रेत से भरे बोरे डाले जाएं। जाल को पानी के बहाव से सुरक्षित रखने के लिए आसपास खड़े पेड़ों से इस तरह बांधा जाए कि वह बह न सकें। पत्थरों के स्टड लगाने की कार्य योजना बनाएं और उसकी स्वीकृति के लिए उनके द्वारा पत्र लिखवा कर स्वीकृति के लिए शासन को प्रेषित करें। उन्होंने ग्राम प्रधान मुहम्मद साजिद को किसानों से यूकेलिप्टस आदि के पेड़ों को खरीद और उन्हें जेबीसी मशीन से उठकर कटान के स्थान पर डाले। पेड़ों के पास रेत से भरे घोड़े डलवाएं। ग्रामवासियों का आह्वान किया कि गंगा कटान रोकने और एतिहासिक मंदिर को बचाने के लिए श्रमदान करें।
खतरे से एक मीटर दूर गंगा का पानी
मैदानी व पहाड़ी क्षेत्र में बारिश होने गंगा नदी उफान पर है। गंगा में जलस्तर रोजाना बढ़ रहा है। सोमवार को गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से एक मीटर दूर रह गई। गंगा का जलस्तर 220.00 मीटर है। मूसलाधार बारिश से 219.00 मीटर चल रहा है। गंगा बैराज से 54896 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज कर दिया गया।