- गन्ना बाहुल्य क्षेत्र बिजनौर में धीरे धीरे बढ़ रहा सब्जियों का रकबा
- इस बार सरकारी 40 हेक्टेयर क्षेत्र बुवाई का आया लक्ष्य
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। इस बार बाजार में टमाटर की कीमत 250 से 300 रुपये तक पहुंच गई थी। टमाटर महंगा होने से वह सब्जियों व सलाद से दूर होने लगा था। महंगाई से आम आदमी पर जोर पड़ा, लेकिन किसानों के लिए लाभकारी रहा है।
बिजनौर में गन्ना ही मुख्य फसल है। गंगा व अन्य नदियों के क्षेत्र में सब्जियों की खेती होती है। गत वर्ष करीब 30 हेक्टेयर क्षेत्रफल का सरकारी लक्ष्य था। इसके अलावा किसान स्वयं करीब 100 हेक्टेयर क्षेत्रफल टमाटर की खेती की। अफसरों के अनुसार इस बार टमाटर का विभागीय लक्ष्य 40 हेक्टेयर तथा निजी तौर पर किसान टमाटर 125 हेक्टेयर क्षेत्रफल की संभावना है। बाजार में टमाटर की मांग बढ़ने पर किसानों का रुझान भी बढ़ा है। उद्यान विभाग की ओर से सब्जी टमाटर, पत्ता भोगी, फूल भोगी, तौरी, लोकी, खीरा, करेला आदि की बुवाई का लक्ष्य आया है। इसके बीज उपलब्ध कराने पर अनुदान भी दिया जाएगा।
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इस बार लाभकारी रही टमाटर की खेती
ग्राम आनंद खेड़ी निवासी युवा किसान सनीत सैनी ने बताया कि वह कई साल से सब्जियों की खेती कर रहे हैं। वह सब्जियों की सप्लाई लोकल बाजार के साथ साथ उत्तराखंड के बाजार में करते हैं। पिछले टमाटर व अन्य सब्जियों का मूल्य पर्याप्त नहीं मिला था। इस बार उन्होंने करीब दो बीघा जमीन टमाटर की खेती थी। बाजार में अच्छे भाव मिलने से खेती लाभकारी रही। अब उन्होंने गोभी उगा रहे हैं।
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सब्जियों का सरकारी लक्ष्य
जिला उद्यान अधिकारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि जनपद में 40 हेक्टेयर में टमाटर, 20 हेक्टेयर में पत्ता गोभी, 25 हेक्टेयर में फूल गोभी, 50 हेक्टेयर में लोकी, तौरी, करेला, खीरा आदि सब्जियाें का क्षेत्रफल का लक्ष्य आया है।
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