बढ़ापुर (बिजनौर)। जंगल से लकड़ी लेने गए एक ग्रामीण ने जंगल में स्वयं को बाघ से घिरा देख पेड़ पर चढ़कर अपनी जान बचाई।
जंगल से सटे क्षेत्र के ग्राम रामजीवाला निवासी इस्तखार सोना नदी वन रेंज के अंतर्गत आने वाले कंडी मार्ग के समीप जलौनी लकड़ी बीनने गया था जहां उसने अपने निकट अचानक आये एक बाघ को देखा। बाघ ने इस्तखार को घूरा तो इस्तखार पेड़ पर चढ़ गया।
बाघ भी उसके नीचे उतरने की प्रतीक्षा में पेड़ के नीचे बैठ गया। अपनी जान खतरे में देख इस्तखार ने शोर मचाया तो गश्त पर निकली सोना नदी रेंज के वनकर्मियो की टीम वहां पहुंची और बाघ को वहां से खदेड़ा और इस्तखार को सकुशल उसके घर पहुंचाया। इस घटना के बाद वन विभाग की ओर से गांव में ऐलान कराकर ग्रामीणों को अकेले जंगल या खेतों में नही जाने की हिदायत दी गई। बताया जाता है कि ये क्षेत्र टाइगर रिजर्व के पास है और घना जंगल होने के कारण कंडी रोड व ग्राम रामजीवाला के आसपास इन दिनों बाघ की सक्रियता देखी जा रही है।