बिजनौर : कालागढ़ के कार्बेट टाइगर रिजर्व के कालागढ़ उपखंड के झिरना सोत में पानी में डूब कर मरा बाघ?
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पानी में डूबने से बाघ की मौत
कालागढ़ (बिजनौर)। कार्बेट टाइगर रिजर्व व नेशनल पार्क के झिरना में एक बाघकी बरसात के पानी में डूबने से मौत हो गई। पार्क के अधिकारियों ने शव का पोस्टमार्टम कर उसे राष्ट्रीय बाघ प्राधिकरण के निर्देशों के अनुसार जला दिया।
कालागढ़ की उपखंड अधिकारी शालिनी जोशी ने बताया कि झिरना के कक्ष संख्या आठ में झिरना सोत में बाघ का शव मिला है। उसके सभी अंग सुरक्षित हैं। उसकी उम्र लगभग आठ से नौ वर्ष रही होगी। अनुमान है कि बाघ सोत में था। सोत में अचानक तेज पानी आ जाने से वह निकल नहीं पाया और डूब गया, जिसकी वजह से उसकी मृत्यु हो गई। बाघ के मरने की सूचना उच्च अधिकारियों को दी गई। सूचना पर कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. धीरज पांडेय, उपनिदेशक नीरज कुमार शर्मा व अधीनस्थ अधिकारी मौके पर पहुंचे। कार्बेट टाइगर रिजर्व के पशु चिकित्साधिकारी दुष्यंत कुमार ने शव का पोस्टमार्टम किया। इस दौरान दो एनजीओ के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। राष्ट्रीय बाघ प्राधिकरण के दिशा निर्देशों के अनुसार बाघ के शव को जला दिया गया।