बिजनौर, रेहड़। प्रदेश के तीसरे सबसे बड़े टाइगर रिजर्व अमानगढ़ रेंज में बाघ गणना का काम शुरू कर दिया गया है। गणना एक माह से अधिक समय तक चलेगी। डाॅ.मेराज अनवर ने बताया कि एनटीसीए के निर्देश पर प्रतिवर्ष विश्व प्रकृति निधि भारत व रेंज स्टाफ टाइगर रिजर्व रेंज में बाघों की गणना करते है।
तीन चरणों के उपरांत अमानगढ़ में चौथे चरण की बाघ गणना शुरू कर दी गई हैं। गणना से पूर्व एक दिवसीय कार्यशाला में वनकर्मियों को बाघ गणना के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया था। जिसमें बाघों के पदचिन्ह, शिकार की उपलब्धता, मल व पेड़ों पर पंजों की खरोंच के निशान, कैमरा इंस्टालेशन, बैट्री बदलना, डाटा डाऊनलोड करने के बारे में जानकारी दी गई । बाघ गणना के लिए अमानगढ़ में 45 जोड़ी कैमरा ट्रैप्स अलग अलग कंपार्टमेंट में लगाए गए हैं। गणना के बाद डाटा एनटीसीए नई दिल्ली भेजा जाएगा। बाघ गणना में डब्लूडब्लूएफ टीम सहित अमानगढ़ रेंज स्टाफ शामिल रहा। रेंजर खुशबू उपाध्याय ने बताया की गणना एक माह से अधिक तक चलेगी। इसके बाद हाथी तथा पक्षी गणना भी कराई जाएगी।