सभी अंडरपास के दोनों ओर सर्विस रोड भी बनाई जा रही है। अंडरपास बनाने का मकसद चौराहों पर भी वाहनों की स्पीड बरकरार रखना है। हाईवे के ट्रैफिक पर गांव देहात की भीड़ का कोई असर नहीं पड़ेगा।
छोइया से शादीपुर तक काली सड़क हुई तैयार
छोइया पुल से बरूकी और बरूकी से शादीपुर तक काली सड़क भी बनकर तैयार हो गई है। बता दें कि पहले यह सड़क सिर्फ सात मीटर चौड़ी थी, जिसकी चौड़ाई नेशनल हाईवे के अनुसार करते हुए 10 मीटर की गई है। वहीं, वीकेआईटी कॉलेज से छोइया नदी तक एक लेन काली सड़क बनकर तैयार हो गई है। शादीपुर से गांव डहरी तक भी एक लेन सड़क लगभग तैयार है, जिस पर दो चार दिनों में ट्रैफिक चालू कर दिया जाएगा।
पांच बड़े पुलों का चल रहा निर्माण
इस सड़क पर छोटे बड़े कुल 42 पुल बनाए जाने थे। जिनमें दस से अधिक पुलियों का निर्माण पूरा हो चुका है। बरुकी नहर, बान नदी, माहू रजबहा समेत पांच बड़े पुलों का निर्माण चल रहा है। जबकि महेश्वरी के पास एक बरसाती नदी और रहमापुर के पास भी दो बड़े पुल बनकर तैयार हो चुके हैं। छोइया नदी का बड़ा पुल बाद में बनाया जाएगा।
तीन अंडर पास का ढांचा बनकर तैयार हो गया है, एक पर काम चल रहा है। इन अंडरपास को सड़क से जोड़ने के लिए भी मिट़्टी डाली जाने लगी है। सड़क बनाने का काम भी तेजी से चल रहा है - सतेंद्र पांडेय, प्रबंधक, निर्माण एजेंसी