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बिजनौर: महाशिवरात्रि पर कई वर्ष बाद बन रहे तीन विशेष योग

Thu, 16 Feb 2023 11:35 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
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बिजनौर। शिव और शक्ति के मिलन का पर्व महाशिवरात्रि फाल्गुन माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। इस बार महाशिवरात्रि पर कई वर्ष बाद त्रिग्रही योग, शनि प्रदोष व्रत और सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। यह महाशिवरात्रि साल में आने वाली 12 महाशिवरात्रि में सबसे महत्वपूर्ण और मनोकामना पूरी करने वाली है। महाशिवरात्रि के दिन पूजा अर्चना, जप, दान आदि करने से कई गुना फल प्राप्त होता है।
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महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, दही, शहद, घी, चंदन, भांग, धतूरा, इत्र, बेलपत्र, रुद्राक्ष एवं सफेद फूल चढ़ाने से भगवान भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं। स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर शिवजी की आराधना करनी चाहिए। इस बार महाशिवरात्रि का पर्व 18 फरवरी को मनाया जा रहा है। महाशिवरात्रि के दिन ब्रह्मांड में दिव्य ऊर्जाएं चरम पर होती हैं। पंचामृत से अभिषेक करने पर सुस्वास्थ व सुख समृद्धि प्राप्त होती है। महाशिवरात्रि के दिन शिवस्तुति, शिव सहस्रनाम, शिव चालीसा, रुद्राष्टकम, शिवपुराण, शिव पंचाक्षर, आदि का पाठ करना चाहिए। चतुर्दशी तिथि 18 फरवरी को रात्रि 8:03 से शुरू होकर 19 फरवरी को शाम 4:19 मिनट तक रहेगी। त्रयोदशी तिथि 17 फरवरी को रात्रि 11:37 मिनट से शुरू हो जाएगी। महाशिवरात्रि पर भगवान भोलेनाथ की पूजा चार प्रहर में करने का विधान है।
सिविल लाइन स्थित धार्मिक संस्थान विष्णुलोक के ज्योतिषविद् पंडित ललित शर्मा ने बताया कि इस साल महाशिवरात्रि पर सूर्य, चंद्रमा, शनि कुंभ राशि में विराजमान रहेंगे। जिससे त्रिग्रही योग बन रहा है। इस दिन शनि प्रदोष व्रत भी है। भगवान शिव को प्रदोष व्रत और महाशिवरात्रि दोनों दिन अत्यंत प्रिय है। ये दोनों व्रत एकसाथ होने से मनुष्य के जीवन में सुख शांति की अमृत वर्षा होती है। ये साल का पहला शनि प्रदोष व्रत है। शनि प्रदोष व्रत संतान की कामना के लिए किया जाता है। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है। इस दिन अविवाहित कन्याओं को अच्छा वर प्राप्त करने के लिए माता पार्वती की उपासना करनी चाहिए।रुद्राक्ष की माला से महादेव के निम्न मंत्रों का करें जाप-
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ओम तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्र: प्रचोदयात
ओम उमामहेश्वराभ्यां नम:
ओम नम: शिवाय मृत्युंजय महादेवाय नमोस्तुते।
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