- 12 करोड़ की लागत से किया गया है तीनों स्पर का निर्माण
- मालन नदी के तटबंध की भी बढ़ा दी गई है लंबाई और ऊंचाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। बिजनौर गंगा बैराज के तटबंध को पिछली बरसात में खतरा पैदा हो गया था। इसलिए अबकी बार नौ किलोमीटर लंबे तटबंध को गंगा के प्रकोप से बचाने के लिए मजबूती दी गई है। तटबंध पर तीन नए स्पर (स्टड) का निर्माण पूरा हो चुका है। इनके निर्माण पर 12 करोड़ की लागत आई है।
रावली गांव के पास से बिजनौर गंगा बैराज तक नौ किलोमीटर लंबा तटबंध है। इस तटबंध पर सड़क भी बनी है। बैराज से रावली की ओर चलते हुए पांच किलोमीटर से आठ किलोमीटर तक की दूरी में पिछले साल कटान होने लगा था। गंगा के उफान पर आते ही तटबंध को लेकर चिंता बन जाती थी। ऐसे में सिंचाई विभाग की ओर से प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया। प्रस्ताव को भी शासन से तुरंत ही मंजूरी मिली।
इसके चलते इस बरसात से पहले ही तीन स्पर बनाए गए हैं। इन पर 12 करोड़ की लागत आई है। स्पर बन जाने की वजह से गंगा की धारा सीधे तटबंध से आकर नहीं टकराएगी। साथ ही गंगा की धारा का रुख भी कुछ हद तक बदलेगा।
क्या होता है स्पर
स्पर की ऊंचाई को तटबंध के बराबर रखा जाता है। इसमें पत्थरों को जोड़कर नदी की धारा को टक्कर देने वाली दीवार खड़ी कर दी जाती है। वहीं स्टड पानी में डृूबे हुए होते हैं। स्टड और स्पर में मामूली फर्क होता है। स्पर नदी की धारा के तेज बहाव को कम करते हैं।
मालन नदी के तटबंध की बढ़ी लंबाई और ऊंचाई
बड़कला गांव के पास मालन नदी का 550 मीटर लंबा कच्चा तटबंध था। यह तटबंध गांव की आबादी से सटा हुआ है। पिछले साल इस तटबंध को खतरा पैदा हो गया था। इसके चलते इस बरसात से पहले मालन नदी के तटबंध की लंबाई को 80 मीटर बढ़ाया गया है। वहीं, आधा मीटर ऊंचाई को भी बढ़ाया गया है। पूरे ही तटबंध पर नदी की तरफ पत्थर लगा दिए गए हैं। साथ ही तटबंध के दो नए स्पर भी बनाए गए हैं। पहले चार स्पर हुआ करते थे। अब छह स्पर तटबंध की सुरक्षा करेंगे।
तीन स्पर बनाए गए हैं, जिन पर 12 करोड़ रुपये की लागत आई है। अब तटबंध को मजबूती मिली है। बड़कला गांव के पास मालन नदी के तटबंध की लंबाई और ऊंचाई को बढ़ाते हुए मजबूत कर दिया गया है। यह दो नए स्पर बनाए गए हैं। तटबंध के ऊपर खडंजा लगा दिया गया है। - बृजेश मौर्य, अधिशासी अभियंता, मध्य गंगा नहर खंड पांच