- 64 हो गई जिले में इस साल डेंगू के मरीजों की संख्या
- डेंगू ग्रसित मरीजों के घरों के आसपास कराया एंटी लार्वा का छिड़काव
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर/कासमपुरगढ़ी। जिले में बुखार का प्रकोप है। बुखार जानलेवा साबित हो रहा है। जिले में करीब 40 लोगों की बुखार से मौत हो चुकी है। अब सीरवासुचंद निवासी 35 वर्षीय मेहर आलम की बुखार से मौत हो गई है। इसके बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। उधर, जिले में डेंगू के तीन नए मरीज मिले हैं।
परिजनों ने बताया कि मेहर आलम मुंबई में पान मसाला की दुकान चलाता था। वह पिछले सप्ताह घर आया था और बुखार से पीड़ित था। बुखार ठीक न होने पर उसे जसपुर ले गए, वहां से उसे काशीपुर एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। इलाज के दौरान अस्पताल में ही मेहर आलम ने दम तोड़ दिया। मेहर आलम के तीन बच्चे दो पुत्र एक पुत्री है।
वहीं, मंगलवार को डेंगू के तीन नए मरीज मिले हैं। इस साल अब तक डेंगू के 64 मरीज मिल चुके हैं। मलेरिया विभाग के अनुसार हल्दौर के गांव बिलाई निवासी 58 वर्षीय बुजुर्ग, बिजनौर के कॉलोनी नई बस्ती निवासी 16 वर्षीय किशोर, बिजनौर के गांव रावली निवासी 51 वर्षीय महिला में डेंगू की पुष्टि हुई है। रावली में एक घर से डेंगू का लार्वा मिला, जिसे नष्ट कराया गया।
डेंगू के सभी मरीज स्वस्थ हैं। डेंगू ग्रसित मरीजों के घरों के आसपास एंटी लार्वा का छिड़काव और फॉगिंग करा दी गई है। गांवों में शिविर लगाकर जांच भी कराई जाएगी।....आशुतोष सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी, बिजनौर