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आंधी ने मचाई तबाही, दो बहनों सहित तीन की मौत

Wed, 02 May 2018 11:56 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर
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भूतपुरी में आंधी में गिरा पेड़। - फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में बुधवार दोपहर बाद 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी अंधी आई और अंधेरा छा गया। इसके बाद तेज बारिश शुरू हो गई। इस दौरान कई जगह पेड़ टूटकर गिर गए और दुकानों के आगे पड़ी टीन उखड़ गई। नहटौर में आंधी से टूटे एक पेड़ के नीचे दबकर दो बहनों और छज्जे के नीचे दबकर पांच वर्षीय बालक की मौके पर ही मौत हो गई। नहटौर थाना क्षेत्र के गांव मीमला मुस्तफाबाद के आठ से 15 साल के कई बच्चे बुधवार शाम घास काटने के लिए जंगल गए थे। करीब साढ़े चार बजे तेज आंधी आने पर बच्चे घर की ओर चल दिए। गांव के ही अशफाक की आठ साल की बेटी शोबी भी जंगल गई थी। उसके साथ उसकी फुफेरी बहन चांदपुर के गांव माहू निवासी रियाजुद्दीन की दस साल की बेटी दिलशाना भी थी। जंगल से लौटते समय एक खेत में रास्ते के किनारे खड़ा यूकेलिप्टस का पेड़ तेज हवा में अचानक टूटकर बच्चों की ओर गिर गया। दिलशाना और शोबी दोनों पेड़ के नीचे दब गईं। अन्य बच्चों की सूचना पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और दोनों बहनों को पेड़ के नीचे से निकाला। लेकिन तब तक दोनों बालिकाओं की मौत हो चुकी थी। आसपास के गांवों के लोग भी मौके पर पहुंच गए। घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुला हाल है। उधर, मोहल्ला हाथी वाला मंदिर निवासी शकील अहमद के घर का छज्जा गिर गया। छज्जे के नीचे शकील का पंाच वर्षीय पुत्र शुएब तथा आठ वर्षीय पुत्र सुहेल दब गए। परिजनों ने मोहल्लेवासियों की मदद से जब तक छज्जे के नीचे से उन्हें बाहर निकाला तब तक मलबे के नीचे दबने से शुएब की मौत हो चुकी थी। इस हादसे में उसका भाई सुहेल गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजनों ने उसे उपचार के लिए एक निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया है। वार्ड सभासद नबील अहमद ने मौके पर पहुंचकर परिवार को ढांढस बंधाया। उधर, चंदक में साप्ताहिक बुध बाजार में टीप निवासी महेंद्र व राकेश सामान लेने आए थे। तेज गति से आए तूफान में बाजार के पास सड़क के किनारे खड़ा सूखा पेड़ गिरने से उसकी चपेट में आकर घायल हो गए। नांगलसोती के गांव सबलपुर बीतरा में सोनू के मकान के निकट खड़ा विशाल यूकेलिप्टस का पेड़ मकान पर गिर गया। जिससे मकान के लिंटर में दरार आ गई। परिजन बाल-बाल बच गए। आम को दस प्रतिशत नुकसान गेहूं की गहाई करीब 90 प्रतिशत हो चुकी है। किसान गेहूं के खेतों को खाली कर उसमें गन्ना बोने की तैयारी में लगे हैं। इस समय बारिश होने की कोई संभावना नहीं जताई जा रही थी। लेकिन बुधवार को चार बजे अचानक मौसम बदल गया। आसमान में काले बादल छा गए और अंधेरी हो गया। कुछ ही देर में धूल भरी आंधी शुरू हो गई। बाजारों और सड़कों पर मौजूद लोगों ने दुकानों आदि में छिपकर खुद को बचाया। करीब आधा घंटा आंधी के बाद तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश के दौरान भी तेज हवा के झोंके चलते रहे। जिन किसानों की गेहूं की फसल की गाही नहीं हुई या फिर जो गन्ना बोने के लिए खेत तैयार कर चुके थे, उन्हें बारिश से काफी नुकसान होगा। फसल के नम हो जाने के कारण अब चार से पांच तक उसकी गाही नहीं हो सकेगी। साथ ही गेहूं का दाना भी काला पड़ सकता है। किसान जबर सिंह, राकेश कुमार, खलील आदि के अनुसार बेमौसम बारिश परेशानी बन गई है। जिन लोगों ने गन्ना बोने के लिए खेत तैयार करा लिए थे, उन्हें फिर से एक हफ्ते बाद खेत तैयार कराने होंगे। वहीं आम की फसल को आंधी से काफी नुकसान हुआ है। आम की काफी फसल तेज हवा की वजह से टूटकर गिर गई। कृषि वैज्ञानिक केके सिंह के अनुसार आंधी से आम की फसल को भारी नुकसान पहुंचने की संभावनाएं हैं।
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