रेवाड़ी से दिल्ली जा रही डीएमयू ट्रेन की चपेट में आने से तीन युवकों की मौत हो गई। हादसे में जान गंवाने वाले युवक पेशे से कार पेंटर थे और सेल्फी लेने के चक्कर में ट्रेन की चपेट में आ गए। मरने वाले तीनों युवकों की उम्र 18 से 20 साल के बीच थी और तीनों ही उत्तर प्रदेश के बिजनौर के निवासी थे। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची जीआरपी ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मरने वालों की पहचान साहुल, फैजान और आदिल के रूप में की गई है। फैजान और आदिल दोनों एक ही गांव मिर्जापुर से ताल्लुक रखते थे, मृतक साहुल गांव मूसेपुर से था। साहुल के परिवार के नजदीकी इमरान ने बताया कि तीनों युवक गांव गढ़ी में रहकर काम करते थे। 15 अगस्त को अवकाश होने के कारण वह घूमने जा रहे थे। इसी दौरान रेलवे लाइन पार करते समय वह कुछ देर के लिए ट्रैक पर रुक गए और सेल्फी लेने लगे।
बताया गया कि तीनों युवक दिल्ली से रेवाड़ी जा रही अप लाइन पर मौजूद थे। इसी बीच ट्रेन का हॉर्न बजा और वह हड़बड़ाहट में दूसरे ट्रैक पर जा पहुंचे। तीनों जिस ट्रैक पर पहुंचे उसी पर रेवाड़ी से दिल्ली जा रही डीएमयू ट्रेन आ रही थी और उसकी चपेट में आने से तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। इमरान ने बताया कि साहुल के पिता नही हैं, पांच सदस्यीय परिवार में वह अकेला कमाने वाला था।
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कार पेंटर का काम करते थे तीनों युवक
मृतक तीनों युवक आपस में दोस्त थे और गुरुग्राम में रहकर कार पेंटर का काम करते थे। तीनों युवकों की मौत से दोनों गांव में गम का माहौल है। तीनों के शव परिजन गांव लेकर पहुंचे और गमगीन माहौल में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।