- भाकियू कार्यकर्ताओं के औचक निरीक्षण से खुली प्रशासनिक लापरवाही की पोल
- अभी भी कई पशु बीमारी, भरपेट चारा न मिलने से भूखे तड़पने को विवश हैं पशु
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संवाद न्यूज एजेंसी
धामपुर। गांव तीबड़ी में स्थित गोशाला में सही से उपचार व भरपेट चारा न मिलने के कारण तीन पशुओं की मौत हो गई। अधिकांश पशु बीमार हैं। भरपेट चारा न मिलने से पशु भूखे तड़प रहे हैं। प्रशासन की ओर से बरती जा रही लापरवाही की पोल सोमवार को भाकियू कार्यकर्ताओं की ओर से गोशाला का निरीक्षण करने पर खुली।
भाकियू तहसील अध्यक्ष सुनील प्रधान, ब्लाॅक अध्यक्ष अजय कुमार राजपूत के नेतृत्व में कार्यकर्ता सोमवार को तीबड़ी गोशाला पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने वहां पर देखा कि गोशाला में करीब 60 पशु मौजूद थे, इनमें से तीन पशु मरे पड़े हैं। पशुओं की रविवार रात में किसी समय मौत हुई और किसी भी अधिकारी ने दोपहर तक गोशाला में जाकर गायों पर ध्यान नहीं दिया। बाकी पशुओं में से भी अधिकांश बीमार हैं। गोशाला में बारिश का पानी जमा है। पशुओं के बैठने के लिए सूखा स्थान नहीं है। पशुओं के लिए रखा भूसा बारिश में भीग रहा है। गोशाला के कर्मचारियों ने बताया कि विभाग की ओर से तीन-चार दिन में एक बार पांच क्विंटल कुट्टी पहुंचाई जाती है।
ब्लाॅक अध्यक्ष अजय राजपूत, सुनील प्रधान ने बताया कि गोशाला में पशुओं को न तो भरपेट चारा मिल रहा है और न ही बीमार पशुओं का उपचार किया जा रहा है। कार्यकर्ताओं की सूचना पर एसडीएम मनोज कुमार सिंह के आदेश पर ग्राम पंचायत विकास अधिकारी हिमांशु चौहान ने अन्य अधिकारियों के साथ गोशाला में मरे पशुओं को वहां से उठवाकर गड्ढे में दबाया। इस मौके पर दिनेश चौहान, दिनेश प्रधान, संजय सिंह, धन सिंह, विजयपाल सिंह, आनंद सिंह, भानु प्रकाश, अरविंद राजपूत, नरेंद्र प्रधान, तरुण, राम अवतार आदि मौजूद रहे।