भाइयों की कलाई पर बांधा विश्वास का धागा
बिजनौर। समझो न रेशम की डोर भैय्या, राखी का मतलब है प्यार भैय्या। कुछ इस तरह के गीत के बोल के संग बहनों ने भाइयों की कलाई प्रेम का धागा बांधा। जिलेभर में रक्षाबंधन का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। राखी बांधकर भाईयों के माथे पर तिलक लगाकर मुंह भी मीठा कराया।
इस बार रक्षाबंधन को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। आखिरकार बृहस्पतिवार को ही रक्षाबंधन का त्योहार मनाया गया। बहनों ने भाईयों के हाथ में राखी बांधकर सुरक्षा का वचन लिया। वहीं भाईयों की लंबी आयु की कामना की। भाइयों ने राखी बंधवाकर उन्हें उपहार भेंट किए। सवेरे से ही रक्षाबंधन को लेकर सड़कों पर काफी भीड़भाड़ रही। बसों में महिलाओं की काफी भीड़ रही।
340 बहनों ने जेल में बंद भाइयों को बांधी राखी
बिजनौर। रक्षाबंधन पर जेल में 550 लोगों ने बंदियों से मुलाकात की। इनमें 340 महिलाएं थीं, जो अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए जेल में मुलाकात करने पहुंचीं। 70 पुरुष भी जेल में बंद अपनी बहनों से राखी बंधवाने के लिए पहुंचे। जेलर शैलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि रक्षाबंधन को लेकर जेल में खास इंतजाम किए गए थे। वहीं विशेष भोजन की व्यवस्था बंदियों के लिए रक्षाबंधन को लेकर की गई।
राखी बांध लंबी उम्र की कामना
अफजलगढ । बृहस्पतिवार को रक्षा बंधन के त्योंहार के अवसर पर सवेरे से जोड़े इधर उधर जाते दिखाई दिए बहनों ने भाइयों के माथे पर मंगल तिलक कर उनकी कलाइयों पर सुंदर रंग बिरंगी राखियां बांधीं। भाइयों की लंबी उम्र की कामना की। वहीं भाइयों ने भी अपनी बहनों की हर दुख सुख मे रक्षा करने का वचन दिया और उपहार भेंट किये। बाजार में मिठाइयों व राखियों की दुकानें लगी रहीं। जिनपर भारी भीड़ नजर आई।
भाइयों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की
बढ़ापुर। भाई-बहन के अटूट स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व यहां हर्षोल्लास से मनाया गया। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर व माथे पर तिलक कर भाइयों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वहीं भाइयों ने बहनों को उपहार देकर उनकी रक्षा का संकल्प लिया। रक्षाबंधन पर्व को लेकर छोटे बच्चों में भी अधिक उत्साह दिखा।
शालिनी जोशी ने मुस्लिम भाइयों को बांधी राखी
बढ़ापुर। रिश्ते किसी धर्म, मजहब के मोहताज नहीं होते है। एक दशक पूर्व से रक्षाबंधन पर्व पर अपने मुस्लिम भाइयों के राखी बांध रही शालिनी जोशी ने मोहम्मद एहसन रजा व उसके भाइयों के राखी बांधकर उनके उज्ज्वल भविष्य व दीर्घायु जीवन की कामना की। भाइयों ने भी राखी बंधवाकर बहन शालिनी जोशी को शगुन दिया।
अरशद अहमद मंसूरी को बांधी श्रेष्ठा पुष्पक ने राखी
स्योहारा। अरशद अहमद मंसूरी ने भी अपनी मुंहबोली बहन श्रेष्ठा पुष्पक से राखी बंधवाकर रक्षाबंधन का त्योहार मनाया। भाई बहन के पवित्र रिश्ते को समर्पित रक्षाबंधन का त्योहार इस बार बृस्पतिवार को मनाया गया।
स्योहारा में बहन श्रेष्ठा पुष्पक से राखी बंधवाते अरशद अहमद मंसूरी।- फोटो : BIJNOR
नगीना में रक्षा बंधन पर भाई को तिलक करती बहन।- फोटो : BIJNOR