बिजनौर जिला महिला अस्पताल की विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई में भर्ती बच्चे
बिजनौर। सरकार शिशु मातृत्व मृत्यु दर कम करने के लिए नए-नए कार्यक्रम चला रही है। जिसके चलते सरकारी अस्पताल में गर्भवती महिलाओं की संख्या बढ़ गई है। वहीं जिला महिला अस्पताल में साल 2021 के मुताबिक साल 2022 में 1109 प्रसव ज्यादा हुए हैं। जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि मरीज सरकारी अस्पतालों में पहुंच रहे हैं।
सरकार की ओर से लोगों को सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने के लिए जागरूक किया जा रहा है। वहीं निजी अस्पतालों की तर्ज पर सरकारी अस्पतालों को भी सक्षम किया जा रहा है। अस्पतालों में मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। जिला महिला अस्पताल में हर महीने करीब 130 प्रसव हो रहे हैं। जिला महिला अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक साल 2021 में नॉर्मल और ऑपरेशन से 2152 प्रसव हुए। जबकि साल 2022 में नॉर्मल और ऑपरेशन से 3261 प्रसव जिला महिला अस्पताल में हुए।
जिला महिला अस्पताल में एसएनसीयू (विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई) संचालित है। जिसमें कमजोर या फिर बीमार बच्चों को रख जाता है। इस इकाई में 10 मशीन लगी हुई हैं। गर्भवती महिलाओं की मुफ्त में सभी जांच कर दवाई उपलब्ध कराई जा रही है। एमएनसीयू में मां और शिशु रहते हैं साथ-
जिला महिला अस्पताल में एमएनसीयू (माता नवजात शिशु देखभाल इकाई) संचालित हैं। जिसमें माता और नवजात शिशु साथ रहते हैं। इस इकाई में 28 दिन रखकर शिशु को स्वस्थ किया जाता है। इस इकाई में करीब 16 बेड की व्यवस्था की गई है।
नॉर्मल और ऑपरेशन से हुए प्रसव-
साल- नॉर्मल प्रसव- ऑपरेशन से प्रसव
2021- 1474- 678
2022- 2188- 1073
वर्जन::
अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। साल 2021 के मुकाबले साल 2022 में प्रसव कराने वालों की संख्या बढ़ी है। अस्पताल में नई तकनीकी उपलब्ध है। शिशुओं और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल में अच्छी सुविधा दी जा रही है।.....डॉ. प्रभा रानी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक