नींदड़ू। शुक्रवार को जामा मस्जिद में जुमे की नमाज से पहले तकरीर करते हुए इमाम मुफ्ती मुजम्मिल हुसैन कासमी ने कहा कि इस्लाम में वादा खिलाफी का कोई स्थान नहीं है। इसलिए मुसलमानों को चाहिए कि वे किसी शख्स के साथ वादा या अहद करके उसे तोड़ने की बजाय हर हाल में पूरा करें। मुफ्ती मुजम्मिल हुसैन कासमी ने कहा कि अपने आमाल और कार्यों से समाज के किसी भी वर्ग या व्यक्ति को किसी भी दशा में तकलीफ न पहुंचाएं। सबके साथ अच्छा व्यवहार करें, जरूरतमंदों की मदद करें और अल्लाह के हुक्म व नबी के बताए तरीके पर जिंदगी गुजारें। स्वयं नेक कार्य करें और दूसरों को भी अच्छे कार्य करने के लिए प्रेरित करें। इसी तरह खुद भी बुरे कार्यों से बचें और दूसरे लोगों को भी बुरे कार्य करने से रोकें। आधे-अधूरे इस्लाम की जगह मुकम्मल इस्लाम को अपनाएं, ताकि दुनिया में अच्छाइयों का प्रचार-प्रसार किया जा सके।