धामपुर में संगीत संस्थान पर बच्चों को पियानों सिखाते अमन यादव। फोटो शिक्षक
- पुष्प निकेतन स्कूल में संगीत शिक्षक हैं अमन यादव, कर रहे कला का प्रदर्शन
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केशव सिंह
धामपुर। नगर निवासी अमन यादव ऐसे लोगों के लिए मिसाल हैं, जो शारीरिक बाधाओं के चलते आगे बढ़ना ही छोड़ देते हैं। शुगर मिल काॅलोनी निवासी 28 वर्षीय अमन यादव आंखों में रोशनी न होने के बावजूद भी न सिर्फ बच्चों को संगीत सिखा अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं, बल्कि तमाम लोगों को प्रेरणा देने का भी काम कर रहे हैं।
अमन ने बताया कि उनकी आंखों में जन्म से ही परेशानी थी। तीन माह की उम्र में आंखों में लेंस लगने के बाद जैसे-जैसे उनकी उम्र बढ़ती गई आंखों की रोशनी भी जाती रही। कई जगह दिखाया लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। अमन के पिता रामअवध यादव धामपुर शुगर मिल में कार्यरत हैं। मां कुसुम देवी गृहिणी हैं। परिवार में पांच-भाई बहन हैं। आंखों की रोशनी जाने के बाद जैसे-तैसे पढ़ाई की, लेकिन हाईस्कूल की परीक्षा नहीं दे पाए। बावजूद इसके अमन ने हिम्मत नहीं हारी।
उन्होंने संगीत के क्षेत्र में आगे बढ़ इसे अपनी आजीविका का साधन बनाया। पढ़ाई छूटने के बाद उन्होंने धामपुर में ही पुष्पेंद्र चौहान से संगीत की शिक्षा ली। अमन आज अपने प्रथम गुरु के संस्थान पर ही बच्चों को पियानो सिखाते हैं। पुष्प निकेतन स्कूल में बतौर संगीत शिक्षक बच्चों को संगीत शिक्षा दे रहे हैं। अमन अपनी आंखों की रोशनी को कभी कमजोरी के तौर पर नहीं आंकते। बल्कि अपनी कला के माध्यम से दूसरों को भी प्रेरणा देने का काम रहे हैं।
कभी नहीं लगा की अमन देख नहीं पाते : पुष्पेंद्र चौहान
अमन यादव को संगीत की शिक्षा देने वाले उनके गुरु पुष्पेंद्र चौहान का कहना है कि साल 2016 में उन्होंने अमन को संगीत की शिक्षा दी। अमन के सीखने की लगन को देखते हुए आंखों की रोशनी कभी भी उनके लिए बाधा नहीं बनी। आज वह उनके एक्सप्लोर म्यूजिक ग्रुप के अहम सदस्य हैं।