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Bijnor News: रोजी-रोटी पर है ध्यान, हमें नहीं पता मानवाधिकार

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मेघराम बेनी - फोटो : BIJNOR
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रोजी-रोटी की रहती दरकार, हमें नहीं पता मानवाधिकार...
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बिजनौर। इसे जानकारी का अभाव कहें या जिंदगी की भागमभाग। अधिकांश लोग मानवाधिकारों के संबंध में जानकारी नहीं रखते। लोगों से इस संबंध में चर्चा की गई तो उन्हें साफ बोल दिया हमें नहीं मालूम क्या है मानवाधिकार। कुछ इस तरह से लोगों ने अपनी राय रखी। संवाद
नहीं पता मानवाधिकार : योगेश कुमार
योगेश कुमार ने बताया कि उन्हें मानवाधिकार की जानकारी नहीं है। आज तक किसी ने उन्हें नहीं बताया कि उनके मानवाधिकार क्या हैं। वह तो मजदूरी कर जीवन यापन रहे हैं।
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किसी ने नहीं बताए मानवाधिकार: नसीम
नसीम का कहना है कि वह फल बेचने का काम करते हैं। उन्हें मानवाधिकार की जानकारी नहीं है। अगर कोई बताए तो मानवाधिकार का पता चले। क्या हित में और क्या नहीं, इसकी जानकारी नहीं है।
सिर्फ मौलिक अधिकार की जानकारी: मेघराम
मेघराम बेनी ने कहा कि उन्हें मौलिक अधिकारों की जानकारी है। हमारे मौलिक अधिकार छह हैं। मगर उन्हें मानवाधिकार की जानकारी नहीं है। जैसे मौलिक अधिकार हैं, वैसे ही मानवाधिकार होता होगा।
मानवाधिकार नहीं है जानकारी: कुलदीप
कुलदीप सैनी ने बताया कि वह कम पढ़ा लिखा है। उन्हें मानवाधिकार की जानकारी नहीं है। मानवाधिकार की जानकारी और समझ पढ़े-लिखे लोगों को ही होगी। हमें इसके बारे में नहीं पता।
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मानवाधिकार क्या लाभ है: सोनू सैनी
सोनू सैनी का कहना है कि मानवाधिकार की उन्हें कोई जानकारी है। आज तक किसी ने भी मानवाधिकार की बात नहीं की है। मानवाधिकार का क्या लाभ होता है। इसके बारे में कभी नहीं सुना है।
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