उफान पर गंगा, ब्रह्मपुरी और रावली तक पहुंचा पानी
बिजनौर। पहाड़ों पर हुई जबरदस्त बारिश के बाद गंगा और मालन नदी का जलस्तर बढ़ गया है। गंगा खतरे के निशान के पास तक पहुंच गई है और उसका पानी गांव रावली और ब्रह्मपुरी तक पहुंच गया है। लोगों को रास्ता पार करने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। गंगा का जलस्तर अभी और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
जिला प्रशासन गंगा के जलस्तर पर नजर रखे हुए है। बरसात से पहले ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीणों के व्हाट्सएप ग्रुप बना लिए गए थे, उन पर जलस्तर पर लगातार अपडेट दिया जा रहा है। गंगा के आसपास रहने वाले ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। पिछले काफी समय से गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से एक या डेढ़ बिंदु नीचे चल रहा था, शनिवार की सुबह अचानक गंगा का जलस्तर बढ़ गया और खतरे के निशान के पास तक पहुंच गया।
बैराज से ऊपर के क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने का असर भी दिखाई दिया। रावली में गंगा का पानी गांव तक पहुंच गया। गंगा किनारे बसी कच्ची बस्ती पानी में डूब गई। लोग नाव के सहारे एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंच रहे थे। शनिवार की सुबह जैसे ही गंगा का जलस्तर बढ़ने की सूचना आई, नाविकों ने पर्यटकों को घुमाने के लिए गंगा बैराज पर रखी गई पांच नावों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया। पिछले वर्ष गंगा में दो नाव गंगा के उफान में डूब गई थी। इसके बाद से सतर्कता बरती जा रही है, जलस्तर बढ़ते ही नाविक नाव हटा लेते हैं।
यह है सुबह आठ बजे का जलस्तर
खतरे का निशान- 220 मीटर
डिस्चार्ज जलस्तर: 219.30 मीटर
बैराज से पानी डिस्चार्ज: 126399 क्यूसेक
रपटे पर बह रहा दो फीट पानी
बेगावाला। जलस्तर बढ़ने के बाद गंगा का पानी मालन नदी में पहुंच गया है। इस समय गांव रावली और ब्रहमपुरी के बीच मालन नदी के रपटे पर करीब दो फीट पानी चल रहा है। कल तक मालन नदी में प्रदूषित पानी आ रहा है, अब गंगा और मालन के एक होने से वह पानी गंगा में मिल गया है। ग्रामीणों और स्कूल आने जाने वाले छात्रों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
मालन नदी पर बना रपटा रावली, ब्रह्मपुरी, शहजादपुर, भोगपुर, मानसापुर, चांदपुर, सेवारामपुर, मुजफ्फरपुर केशो आदि दर्जन भर गांवों को जिला मुख्यालय से जोड़ता है। अभी ग्रामीण ट्रैक्टरों से रपटे पर गुजर रहे हैं। ब्रहमपुरी और रावली के ग्रामीण नाव का भी सहारा ले रहे हैं। ब्रह्मपुरी गांव में बने प्राथमिक विद्यालय के पीछे मुख्य मार्ग पर पानी भर गया है, जिसमे गांव के बच्चे मस्ती कर रहे है। दूसरी ओर गंगा पर बने बांध के किनारे झोपड़ी डालकर रह रहे शेरसिंह, नाथे, ओमचंद, लड्डन, पवन के घरों में पानी भर गया है। ये लोग अपने घरों का सामान और पशुओं को निकाल कर बांध पर आ गए हैं।
ग्रामीणों वेदराम, पवन, जितेंद्र, हरभजन सिंह, सोमपाल आदि का कहना है कि वे पशुओं का चारा लेने के लिए नाव से गंगा के पार नहीं जा रहे हैं। पानी बढ़ रहा है। यदि पानी बढ़ता है तो रावली ब्रह्मपुरी गांव में पानी भर जाएगा। और जिनके घर नदी किनारे बने हुए है उनको परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
दस घंटे में 0.70 मीटर बढ़ा जलस्तर
बिजनौर बैराज पर सुबह सात बजे जलस्तर 219 मीटर बना हुआ था, जोकि आठ बजे तक 219.30 मीटर हो गया। दोपहर में 12 बजे जलस्तर 219.50 मीटर रिकार्ड किया गया। शाम छह बजे बिजनौर बैराज का जलस्तर 219.70 मीटर पहुंच गया, जोकि खतरे के निशान से मात्र 0.30 मीटर ही दूर है। बता दें कि बिजनौर बैराज पर खतरे का निशान 220 मीटर पर है। शाम छह बजे बिजनौर बैराज से गंगा में 201560 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जबकि हरिद्वार के भीमगौडा बैराज से डेढ़ लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। संवाद
बिजनौर के ग्राम ब्रहमपुरी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से झोपड़ियों में भरा पानी।- फोटो : BIJNOR
बिजनौर के ग्राम रावली में मालन नदी के रपटे पर पानी आने से नाव में बाइ चढ़ाते लोग।- फोटो : BIJNOR
जिनौर के ग्राम रावली में मालन नदी के रपटे पर पानी आने से नाव से जाते लोग।- फोटो : BIJNOR