-अवर अभियंता ने किया खुलासा, मानकों पर खरी नहीं है निर्माण सामग्री
-अभियंता की रिपोर्ट पर सीएमओ ने जांच के लिए मिशन निदेशक को लिखा पत्र
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। भले ही कोरोना की लहर की आशंका के फेर में सरकार इंतजामों को मजबूत करने में लगी है, लेकिन कोविड की इमारत में ही भ्रष्टाचार का वायरस घुस गया है। शुरुआती जांच में ही इमारत पॉजीटिव मिली है। दरअसल धामपुर में निर्माणाधीन कोविड राहत भवन में निर्माण सामग्री नियमों के विपरीत मिली है। महकमे के ही अवर अभियंता की रिपोर्ट पर सीएमओ ने निदेशक को पत्र लिखकर निर्माण की जांच कराने की मांग उठा दी है।
कोरोना की दूसरी लहर की चपेट में आने से लोगों के भर्ती होने के लिए अस्पतालों में बेड भी कम पड़ गए थे। जिसके चलते मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी परेशानी को दूर करने के लिए सरकार की ओर से इमरजेंसी कोविड रिलीफ बेड तैयार करा रही है। अगर मरीजों की संख्या बढ़े तो उन्हें आसानी से अस्पतालों में भर्ती किया जा सके। जिसके चलते बिजनौर में सात सीएचसी और 10 पीएचसी पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। सीएचसी पर 20 बेड की बिल्डिंग बनाई जाएगी। जबकि पीएचसी पर छह बेड की बिल्डिंग तैयार होगी। इसके लिए शासन की ओर से एक कंपनी को टेंडर दिया, जो निर्माण कार्य करा रही है। मगर निर्माण कार्य मानक के अनुरूप नहीं हो रहा है। यह दावा स्वास्थ्य विभाग के जेई पीके जैन ने धामपुर सीएचसी पर हो रहे निर्माण कार्य के निरीक्षण के बाद किया है।
इन सीएचसी और पीएचसी पर हो रहा निर्माण-
इमरजेंसी कोविड रिलीफ बिल्डिंग सात सीएचसी और 10 पीएचसी पर बनाई जा रही है। सीएचसी अफजलगढ़, नगीना, नूरपुर, स्योहारा, नजीबाबाद, धामपुर, हल्दौर में 20 बेड का भवन बन रहा है। जबकि पीएचसी कोतवाली, चंदक, जलीलपुर, सहसपुर, नजीबाबाद, हल्दौर (खारी झालू), बुढ़नपुर, नहटौर, पुरैनी, गुहावर में छह बेड का भवन तैयार किया जाएगा।
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धामपुर सीएचसी पर बन रहे भवन में प्रयोग की जा रही ईट हल्की क्वालिटी की है। इसके अलावा रेत और सीमेंट के मिश्रण में रेत ज्यादा दिखाई दिया। उनके निरीक्षण में निर्माण में उपयोग की जा रही सामग्री मानकों पर खरी नहीं उतरी है। इसकी रिपोर्ट उन्होंने सीएमओ को दी है। उन्होंने सीएमओ से तकनीकी समिति गठित कर जांच कराने के लिए कहा है।.....पीके जैन, हेल्थ जेई
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हेल्थ जेई पीके जैन की रिपोर्ट आधार बनाकर मिशन निदेशक के पास पत्र भेज दिया है। जेई के निरीक्षण में सामग्री की क्वालिटी ठीक नहीं पाई गई है। मुख्यालय को भेजे गए पत्र में निर्माण कार्य की जांच कराने के लिए कहा गया है।.....डॉ. विजय कुमार गोयल, सीएमओ