- अचानक लगे तेज झटके के बाद ट्रेन में सवार यात्रियों के बीच मची अफरातफरी
- हादसे के वक्त प्रभावित हुए ट्रेन के कोच संख्या एस-4 में सवार थे करीब 71 यात्री
- घटना के तकनीकी क्या कारण रहे, डीआएम ने रेलवे के विशेषज्ञों से जांच शुरू कराई
धर्मेन्द्र भुईयार
स्योहारा (बिजनौर)। 90 किमी की रफ्तार से दौड़ रही किसान एक्सप्रेस की कपलिंग टूटने के बाद ट्रेन में सवार यात्रियों की नींद भी उड़ गई। अचानक लगे तेज झटके से ट्रेन में सवार यात्रियों के बीच अफरातफरी मच गई। हादसे में सबसे अधिक प्रभावित हुए ट्रेन के कोच एस-4 में करीब 71 यात्री सवार थे। आधी रात गहरी नींद में सोए यात्रियों की नींद एकाएक हुए हादसे के बाद टूट गई। अफरातफरी के माहौल में हर कोई अपनी जान की सलामती संग सुरक्षित बाहर निकलने का प्रयास करता दिखा।
किसान एक्सप्रेस के कोच एस-4 की कपलिंग टूटने से इंजन आठ बोगियों के साथ आगे चला गया। बाकी स्लीपर और एसी बोगियां पीछे छूट गईं। गनीमत रही कि अलग हुई बोगी किसी से नहीं भिड़ी। राहत व बचाव के लिए पहुंची टीम ने पीछे छूटी बोगियों को इंजन की मदद से आगे बढ़ाया। एस-4 कोच को काटकर अलग किया गया।
कोच में 71 यात्री सवार थे। नॉन स्टॉप पंजाब मेल और दरभंगा एक्सप्रेस को स्योहारा में रुकवाते हुए किसान एक्सप्रेस के प्रभावित यात्रियों को उसमें सवार किया गया, जबकि कुछ यात्री बस से भी अपने गंतव्यों की ओर रवाना हो गए। हालांकि इस दौरान कुछ यात्रियों ने हंगामा भी किया।
रेलवे अफसर जहां हालत को सामान्य करने की मशक्कत में जुटे रहे तो वहीं यात्रियों ने बड़ा हादसा टलने पर राहत की सांस ली।
कारणों की पड़ताल के बीच पुराने हादसों को टटोल रहे अफसर
किसान एक्सप्रेस के दो हिस्सों में बंटने से जुड़े हादसे की पड़ताल में जुटे रेलवे अफसरों ने ऐसे ही पुराने दूसरे हादसों का ब्योरा भी जुटाया है। हर बार की तरह हादसे की वजह फिर से वही दोहराई गई या फिर दूसरी कोई तकनीकी चूक हादसे का सबब बनी, खुद अफसरों की निगाह इस ओर बनी है। डीआरएम के निर्देशन में जांच टीम अलग-अलग बिंदुओं पर फिलहाल अपनी पड़ताल को जारी रखे है।
हादसे की वजह ट्रैक संबंधी कोई खामी नहीं थी, प्रथम दृष्टया यह साफ है। ऐसे में तकनीकी क्या कारण रहे, जिसकी वजह से ट्रेन हिस्सों में बंटी, इसको लेकर विभागीय एक्सपर्ट अपनी जांच को जारी रखे हैं। जल्द किसी निष्कर्ष तक पहुंचा जाएगा। - राजकुमार, डीआरएम