बिजनौर। अमानगढ़ में पर्यटन सत्र शुरू होने का इंतजार देख रहे पर्यटकों के लिए खुशखबरी है। इस बार दस दिन पहले ही पांच नवंबर को पर्यटन सत्र का उद्घाटन किया जाएगा। इसके लिए वन विभाग ने अमानगढ़ में सभी रास्तों को ठीक करा दिया है। साथ ही इस बार पर्यटकों को केहरीपुर चौकी पर कैफेटेरिया की सुविधा भी मिलेगी।
अमानगढ़ में इस बार तीसरा पर्यटन सत्र शुरू होना है। लोगों को 15 नवंबर तक पर्यटन सत्र का इंतजार करना पड़ता था, लेकिन इस बार यह इंतजार दस दिन पहले ही समाप्त होने वाला है। अमानगढ़ में आने और जाने सहित जंगल सफारी का ट्रैक करीब 35 किलोमीटर निर्धारित है। बरसात में यह रास्ते टूट गए थे। अब वन विभाग ने सभी रास्तों को ठीक करा दिया है। वहीं केहरीपुर चौकी पर भी बच्चों खेलने के लिए मिनी पार्क भी लगभग तैयार करा दिया है। इसके अलावा पहली बार ही कैफेटेरिया शुरू होने जा रहा है। जिसमें पर्यटकों को खाने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
- ऑनलाइन बुकिंग की तैयारी भी तेज
इस बार अमानगढ़ को भी कार्बेट और दुधवा पार्क की तर्ज पर ऑनलाइन किया जा रहा है। वन विभाग ने इसकी तैयारी तेज कर दी है और विशेषज्ञों को बेवसाइट पर काम करने के लिए लगा दिया है। पर्यटन सत्र से पहले ही यह सुविधा भी शुरू हो जाएगी। ऐसे में बुकिंग के कारण पर्यटकों को अब वापिस निराश होकर नहीं लौटना पड़ेगा।
- इस बार जल्दी शुरू होगा सत्र : डीएफओ
डीएफओ ज्ञान सिंह ने बताया कि सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। पांच नवंबर को अधिकारिक तौर पर पर्यटन सत्र शुरू हो जाएगा। फिलहाल एक जिप्सी में पांच लोगों को जाने की अनुमति होगी और पर्यटकों को इसके लिए 2280 रुपये का शुल्क देना होगा। वहीं इसमें प्रति पर्यटक 200 रुपये, एक गाइड के लिए 400 रुपये शुल्क देना होगा।
- इसलिए खास है अमानगढ़
अमानगढ़ रेंज कभी कार्बेट पार्क का ही हिस्सा हुआ करती थी। यूपी-उत्तराखंड बंटवारे के समय कार्बेट पार्क उत्तराखंड में चला गया। वहीं अमानगढ़ वन रेंज बिजनौर उत्तर प्रदेश के हिस्से में आ गई। इसका रकबा 9500 हेक्टेयर में है। इसमें करीब 8600 हेक्टेयर क्षेत्र टाइगर रिजर्व के तहत आता है। इसे वर्ष 2012 में टाइगर रिजर्व का दर्जा मिल चुका है। यहां पर प्रवासी पक्षियों के अलावा 32 से ज्यादा बाघ आकर्षण का केंद्र रहते हैं। इसके अलावा 100 से ज्यादा हाथी, भालू, गुलदार, पैंगोलिन, अजगर, चीतल, हिरण झुंड भी दिखाई देते हैं।
- अमानगढ़ एक नजर में
रकबा 9580 हेक्टेयर
बाघ 32
गुलदार 45
हाथी 105
चिकारा 06
काला हिरन 50
सांभर 226
बारहसिंगा 37
भालू 9
मोर 1074