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Bijnor News: नसबंदी का लक्ष्य पूरा नहीं, फिर भी प्रदेश में पांचवां स्थान

Mon, 10 Jul 2023 11:54 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
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- 2660 महिला, 20 पुरुष नसबंदी करने का सत्र 2022-23 में मिला था लक्ष्य
- 2464 महिला, 28 पुरुष नसबंदी सत्र 2022-23 में बिजनौर में हुईं
- 436 महिला नसबंदी और पांच पुरुष नसबंदी इस साल अप्रैल से जून तक हुईं
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। स्वास्थ्य विभाग नसबंदी कार्यक्रम के बेहतर होने का दावा कर रहा है। मगर सच तो यह है कि जिले में पिछले दो सत्रों से नसबंदी का लक्ष्य भी पूरा नहीं हो रहा है। सत्र 2022-23 में लक्ष्य के सापेक्ष 196 महिला नसबंदी कम हुई हैं। इसके बाद भी प्रदेश में परिवार नियोजन के मामले में बिजनौर पांचवें स्थान पर है।

शासन की ओर से परिवार नियोजन को बढ़ावा देने के लिए कई तरह के कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। नसबंदी कराने पर योजना के तहत पैसे भी दिए जाते हैं। मगर लोग जागरूकता नहीं दिखा रहे हैं। या फिर ये कहें कि विभाग जागरूक करने में लापरवाही बरत रहा है। इस साल अप्रैल से जून तक 436 महिला नसबंदी और पांच पुरुष नसबंदी हो चुकी हैं।
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सत्र 2022-23 में बिजनौर में 2660 महिला नसबंदी का लक्ष्य मिला था। लक्ष्य के सापेक्ष जिले में 2464 महिला नसबंदी की गई हैं। 20 पुरुष नसबंदी के लक्ष्य के सापेक्ष 28 नसबंदी हुईं। परिवार नियोजन को बढ़ावा देने के लिए कई तरह की सुविधाएं भी दी जा रही हैं। आईयूसीडी, पीपीआईयूसीडी, ओरल पिल्स माला, अंतरा, छाया का उपयोग भी परिवार नियोजन को बढ़ावा देने के लिए हो रहा है।
महिला नसबंदी फेल होने पर सरकार की ओर से 60 हजार रुपये दिए जाते हैं। सत्र 2022-23 में नौ महिलाओं की नसबंदी फेल होने के आवेदन भेजे गए थे। मगर उन्हें अभी तक लाभ मिल नहीं मिला है। लोग फेल नसंबदी के पैसे लेने के विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। मगर उन्हें आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिल रहा है।
लक्ष्य के सापेक्ष 621 महिला नसबंदी हुईं कम
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक सत्र 2021-22 में बिजनौर को 2700 महिला नसबंदी और 13 पुरुष नसबंदी करने का लक्ष्य रखा था। लक्ष्य के सापेक्ष 2079 महिला नसबंदी और 14 पुरुष नसबंदी हुईं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कोरोना की वजह से कम नसबंदी हुईं। शिविर भी कम आयोजित हुए थे।
वर्जन::
कोरोना काल होने की वजह से सत्र 2021-22 में महिला नसबंदी का लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया। परिवार नियोजन के मामले में बिजनौर प्रदेश में पांचवें स्थान पर है। गांव-गांव जाकर लोगों को नसबंदी कराने के बारे में जागरूक किया जा रहा है। इसके अलावा परिवार नियोजन के साधन अपनाने की भी सलाह दी जा रही है - तबस्सुम परवीन, जिला परिवार नियोजन विशेषज्ञ
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नियोजित परिवार होने से स्वास्थ्य परिवार होगा। इसलिए जिले में नसबंदी कार्यक्रम चलाकर लोगों को परिवार नियोजन के बारे में जागरूक किया जा रहा है। महिला नसबंदी और पुरुष नसबंदी की स्थिति काफी अच्छी है। जिले में लक्ष्य से अधिक पुरुष नसबंदी की जा रही है - डॉ. विजय कुमार गोयल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, बिजनौर
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