फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जमीन पर जेसीबी लेकर पहुंचा जिला पंचायत का अमला

विज्ञापन
नहटौर के झालू चौराहे पर जिला पंचायत की भूमि का मौका मुआयना करते जिला पंचायत अध्यक्ष चौधरी साकेन्? - फोटो : BIJNOR
विज्ञापन
जमीन पर जेसीबी लेकर पहुंचा जिला पंचायत का अमला
विज्ञापन

बिजनौर/नहटौर। जिला पंचायत की 2700 गज जमीन को बेच दिए जाने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। जिला पंचायत अध्यक्ष की अगुवाई में पूरा अमला जेसीबी लेकर नहटौर में स्थित बेशकीमती जमीन पर पहुंच गया। जेसीबी से नींव खोदकर जमीन की चहारदीवारी बनाने के काम को चालू कराया गया। जमीन के कुछ हिस्से पर किए गए अतिक्रमण को भी साफ कर दिया।
शुक्रवार सुबह ही जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह, एएमए श्याम बहादुर शर्मा, अभियंता कपिल आदि समेत तमाम कर्मचारी जेसीबी लेकर नहटौर पहुंच गए। उन्होंने जिला पंचायत की 2700 गज जमीन की चहारदीवारी के लिए नींव की खोदाई कराई। जिला पंचायत का अमला यह दिखाने में जुटा रहा कि जमीन उनकी है, कब्जा भी जिला पंचायत का ही है। सतर्कता ऐसी रही कि जिला पंचायत ने जेनरेटर लगाकर रोशनी की व्यवस्था करते हुए रात में भी निर्माण कराया। हालांकि जमीन का कोई भी खरीदार चहारदीवारी के निर्माण का विरोध करने नहीं पहुंचा।
विज्ञापन

बता दें कि नहटौर में झालू चौराहे के पास जिला पंचायत की खसरा नंबर 835 में करीब 2700 गज भूमि हैै। इसकी कीमत करीब दस करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस जमीन पर जिला पंचायत की ओर से एक कांप्लेक्स बनाने की तैैयारी चल रही है, लेकिन 14 अक्तूबर को इस जमीन को बेच दिया गया। गांव गिलाड़ा निवासी राजेंद्र सिंह ने इस जमीन का बैनामा हल्दौर क्षेत्र के गांव किनान उर्फ कल्याण शेरपुर निवासी दीपक सोलंकी सहित चार लोगों के नाम किया है। जमीन के कुछ हिस्से में किए गए अतिक्रमण को भी जेसीबी से हटा दिया गया। ठेकेदार को तेजी के साथ दीवार निर्माण करने के निर्देश दिए गए हैं।
शुक्रवार को जिला पंचायत के अधिकारी अलर्ट हुए। जिसके चलते शुक्रवार को नींव से पानी निकलाकर दीवार बनाने का काम चालू हुआ। अब शनिवार को सुबह पूरा अमला पहुंचा तो जमीन में नाले का पानी भरा हुआ मिला। एएमए ने बताया कि रात में किसी ने नाले को तोड़कर जमीन में पानी भरने का काम किया है।
जमीन कब्जाने की पुलिस से नहीं की शिकायत
- एक जिला पंचायत सदस्य का नाम इस मामले में आ रहा है सामने
संवाद न्यूज एजेंसी
नहटौर। जिला पंचायत की भूमि कब्जाने के लिए पूरा एक रैकेट होने की बात सामने आ रही है। सब कुछ एक योजना के तहत हो रहा था। जमीन का बैनामा किया जाना भी उसी योजना का हिस्सा है। जिसमें कुछ सफेदपोशों के नाम भी सामने आने लगे हैं। जिला पंचायत की भूमि के फर्जी बैनामा होने पर प्रशासनिक अमले में खलबली जरूर मच गई। लेकिन फर्जी बैनामा करने वालों के खिलाफ पुलिस से शिकायत अभी तक नहीं हुई।
विज्ञापन

करोड़ों रुपये की भूमि को कब्जाने के मामले में राजनीति भी गर्म होने लगी है। कुछ स्थानीय राजनीतिक लोगों ने पहुंचकर मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। एक जिला पंचायत सदस्य का नाम इस मामले में आ रहा है। उसकी पूरी कुंडली खंगाली जा रही है। संरक्षण के खेल का भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। पूरे प्रकरण को लखनऊ तक पहुंचाने की तैयारी होने लगी है। एएमए श्याम बहादुर शर्मा ने कहा कि भूमि अभिलेखों में जिला पंचायत की है और जिला पंचायत का ही कब्जा बना हुआ है। जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र चौधरी ने बताया कि भूमि जिला पंचायत की है किसी को कब्जा नहीं करने दिया जाएगा। वहीं, भूमि का बैनामा करने वाले राजेंद्र सिंह ने बताया कि कोर्ट ने उसके पक्ष में आदेश किया था। उसके बाद उसने अपनी जमीन बेची है।

नहटौर के झालू चौराहे पर जिला पंचायत की भूमि से अतिक्रमण हटाती जेसीबी।- फोटो : BIJNOR

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें