बिजनौर के गंगा बैराज पर कछुओं को छोड़ते अधिकारी।
- अदालत में पेशी के बाद कछुओं को मिली आजादी, गंगा में छोड़ा
- पकड़े गए दो तस्करों से बरामद किए गए थे दुर्लभ प्रजाति के 32 कछुए
संवाद न्यूज एजेंसी
चंदक/बिजनौर। बेजुबान जीवों को पकड़ने वाले यदि यह सोचते हैं कि गवाही कौन देगा, तो वह गलत हैं। मंडावर क्षेत्र में तस्करी को ले जाए जा रहे 32 कछुओं ने मंगलवार को कोर्ट में मौन गवाही दी। कोर्ट में कछुओं को पेश किया गया, उसके बाद कोर्ट से उनके आजाद करने के आदेश दिए। वन विभाग की टीम ने सभी कछुओं को हैदरपुर वेटलैंड के पानी में छोड़ दिया।
मंडावर पुलिस और वन विभाग बिजनौर की संयुक्त टीम द्वारा रविवार की देर सायं जीव जंतुओं की तस्करी करने बाले एक गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके पास से संरक्षित प्रजाति के 32 कछुए बरामद किए गए थे। इन कछुओं की बड़े शहरों में तस्करी होनी थी। दोनों तस्करों को सोमवार को ही कोर्ट ने जेल भेज दिया था। पशु चिकित्सकों की टीम ने तस्करों से बरामद हुए सभी कछुओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया।
स्वास्थ्य परीक्षण में सभी को स्वस्थ बताया गया। इसके बाद वन विभाग और पुलिस टीम ने सभी कछुओं को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट में पेशी के बाद उन्हें उनके प्राकृतिक वास में आजाद करने का आदेश हुआ। मंगलवार को वन विभाग की टीम ने सभी कछुओं को गंगा बैराज के पास हैदरपुर वेटलैंड के पानी में आजाद कर दिया। इस दौरान वन विभाग के एसडीओ ज्ञान सिंह, वन दरोगा मदनपाल आदि मौजूद रहे। एसडीओ ज्ञान सिंह ने बताया कि सभी कछुए स्वस्थ थे। उन्हें पहले कोर्ट में पेश किया गया था। मजबूत पैरवी कर तस्करों को सजा दिलाने का प्रयास रहेगा।