बिजनौर। नजीबाबाद में ट्रैक पर पत्थर रखने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले पिछले ही माह ही बिजनौर में रेलवे ट्रैक और सिग्नल से छेड़छाड़ हुई थी। इसके बोल्ट खुले मिले थे। इससे पहले स्योहारा में भी रेलवे ट्रैक पर एक बड़ा पत्थर मिला था।
बिजनौर में 20 सितंबर की शाम करीब साढ़े पांच बजे हल्दौर की ओर से ट्रैक मरम्मत की मशीन और निरीक्षण यान बिजनौर स्टेशन की तरफ आ रहा था। बिजनौर-नगीना रोड स्थित रेल फाटक के पास पहुंचा तो सिग्नल फेल हो गए और निरीक्षण यान वहीं खड़ा हो गया। यान को चेंज ओवर वाली जगह से ही लूप लाइन पर जाना था। मगर, सिग्नल फेल होने से वह आगे नहीं बढ़ पाया। जांच करने पर पता चला कि दो बोल्ट खुले हुए थे। इस मामले में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने की जांच शुरू कर दी थी। हालांकि कारणों का पता नहीं चल पाया था। इससे पहले 30 अप्रैल स्योहारा को कांठ गोदाम जनशताब्दी एक्सप्रेस स्योहारा से मेवा नवादा के बीच रोक दी गई थी। ट्रैक पर एक करीब 80 किलो वजनी काला पत्थर रखा हुआ था। उसे हटाने के बाद ट्रेन रवाना की गई। इसकी भी जांच की गई थी। इसे प्रथम दृष्टया कोयले का बड़ा टुकड़ा माना गया था।
- साजिश या किशोरों की शरारत, मामला गंभीर
रेलवे के पेट्रोलिंग कर्मी ने गढ़मलपुर रेलवे क्रॉसिंग के नीचे सवेरे पांच बजे पेट्रोलिंग का दावा किया है। फ्लाईओवर के नीचे रेलवे लाइन पर लगभग 20 मीटर तक अप और डाउन लाइन पर दिन निकलने के बाद किसने पटरियों पर पत्थर रखे। किशोरों की शरारत थी या साजिश, दोनों दृष्टि से मामला गंभीर है।
- अप लाइन पर भी पत्थरों का उड़ा चूरा
गढ़मलपुर रेलवे क्रॉसिंग की अप लाइन पर भी सवेरे ट्रेन गुजरी। अप लाइन पर भी पत्थरों का चूरा उड़ा, लेकिन अप लाइन से गुजरने वाली ट्रेन के चालक को भनक तक नहीं लगी। रेल ट्रैक के दोनों ओर दूर-दूर तक पत्थरों का चूरा फैला मिला।
- घटना की चल रही जांच: धर्मेश कुमार
सीनियर सेक्शन इंजीनियर रेल पथ धर्मेश कुमार ने बताया कि नजीबाबाद के पास रेलवे ट्रैक पर पत्थर रखने की घटना की जांच की जा रही है। प्रथम दृष्टया यह घटना बच्चों द्वारा शरारत में पत्थर लगना प्रतीत हो रहा है। फिर भी सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है।