- 1970 के बाद देखरेख के अभाव में खंडहर हो चली थी सिंचाई विभाग की कोठी
- 53 सालों के बाद ली गई गेस्ट हाऊस की सुध
- इस कोठी से नहर के संचालन पर नजर रखते थे अंग्रेज अफसर
अमन कुमार शर्मा
बिजनौर। खंडहर बता रहे हैं कि इमारत कभी बुलंद रही होगी, किसी शायर की ये लाइनें ब्रितानी हुकूमत में बनी कोठी पर सटीक बैठती हैं। हालांकि अब इसे फिर से संवारा जाने लगा है। रामगंगा मुख्य नहर पर बनी सिंचाई विभाग की कोठी (गेस्ट हाऊस) का करीब 53 साल बाद मरम्मत कार्य शुरू हो गया है। कभी इस गेस्ट हाऊस से ही अंग्रेज अफसर नहर के संचालन पर नजर रखते थे।
1970 के बाद से इस भवन की सुध नहीं ली गई थी, अब फिर से इसकी चमक को फिर से लौटाने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार की ओर से इतिहास समेटे हुए भवनों और स्थानों का सुंदरीकरण किया जा रहा है। सरकारी विभाग सरकार की मंशा को पूरा करने में लगे हुए हैं। स्योहारा क्षेत्र के गांव बगवाड़ा में रामगंगा मुख्य नहर पर सिंचाई विभाग की कोठी बनी हुई है। यह कोठी सिंचाई खंड मुरादाबाद के कार्य क्षेत्र में आती है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि साल 1930 के आसपास सिंचाई के लिए नहर का निर्माण हुआ। उसी दौरान निरीक्षण भवन के नाम से कोठी बनाई गई थी।
यहां ब्रिटिश हुकूमत में पुलिस के रुकने के लिए भी आवास बनाए गए थे। साथ ही घोड़ों के लिए अस्तबल की व्यवस्था थी। साल 1970 तक सिंचाई विभाग के भवनों का मरम्मत कार्य होता रहा। मगर समय बदलने के साथ ही धीरे-धीरे कोठी खंडहर में तब्दील होने की कगार पर आ गई। अब फिर से कोठी के दिन बहुरने का काम चल रहा है। कोठी के अलावा कर्मचारियों के ठहरने के लिए कमरे भी तैयार किए जाएंगे। संवाद
25 लाख की लागत से हो रहा मरम्मत कार्य
बगवाड़ा में बनी सिंचाई विभाग की कोठी का मरम्मत कार्य शुरू हो गया है। इस कोठी की मरम्मत 25 लाख रुपये की लागत से कराई जा रही है। इस कोठी की चारदीवारी, साफ-सफाई, पानी के लिए नाली का निर्माण आदि की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा इस कोठी में प्रवेश और निकास द्वार भी बनाया जा रहा है।
बनेगी फूलों की बगिया
सिंचाई विभाग की कोठी की मरम्मत के अलावा अन्य व्यवस्थाएं सुधारी जा रही हैं। आसपास का क्षेत्र फूलों को सुगंध से महकेगा। कोठी की मरम्मत के बाद अलग-अलग फूलों की क्यारियां बनाई जाएंगी। इसके अलावा फलदार और छायादार वृक्ष लगाए जाएंगे। इससे कोठी की शोभा बढ़ेगी।
सौर उर्जा से रोशन होगी कोठी
सिंचाई विभाग की कोठी के आसपास करीब 20 बीघा जमीन है। जिसमें विभाग सोलर प्लांट लगाने की तैयारी कर रहा है। हालांकि अभी सबसे पहले मरम्मत कार्य किया जा रहा है। सोलर प्लांट लगने के बाद बिजली का उत्पादन किया जाएगा। इससे आसपास के गांवों को भी बिजली भेजी जा सकेगी।
दो किलोवाट बिजली कनेक्शन के लिए किया आवेदन
सिंचाई खंड मुरादाबाद के अधिकारियों के मुताबिक कोठी पर दो किलोवाट बिजली का कनेक्शन कराया जाएगा। जिससे यहां रहने वाले लोगों को कोई परेशानी न हो। बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन कर दिया गया है। जल्द ही बिजली कनेक्शन हो जाएगा।
वर्जन::
ब्रिटिश हुकूमत में बनी कोठी का मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है। कोठी को इसका पुराना स्वरूप दिया जाएगा। इसमें विभागीय बैठक और अन्य कार्यक्रमों का आयोजन होगा। भविष्य में नहर के आसपास बने अन्य भवनों की मरम्मत भी कराई जाएगी।.....योगेशचंद सिंह, सहायक अभियंता, सिंचाई खंड, मुरादाबाद