मामूली बारिश से पानी में डूब जाती हैं नवाब के अहाते की सड़कें
बिजनौर। नवाब का अहाता, यह नाम सुनते ही लगेगा कि कोई खास जगह होगी, लेकिन हकीकत इसके पूरी तरह विपरीत है। यह मोहल्ला गंदगी और जलभराव का पर्याय बन चुका है। यहां मामूली बारिश में ही सड़कें पानी में डूब जाती है, पिछले दिनों हुई बारिश का पानी भी अभी तक कई जगहों पर भरा हुआ है। रामपुर बकली पंचायत का हिस्सा रही यह जगह अब पालिका के क्षेत्र में शामिल है। फिर भी सुविधाएं अभी तक पहुंची ही नहीं हैं।
13 पंचायतों की आबादी के साथ नवाब का अहाता और रामपुर बकली की आबादी भी नगर पालिका परिषद का हिस्सा बनी। यहां के वाशिंदों को लगता था कि ग्राम पंचायत में होने की वजह से उन्हें दिक्कतें उठानी पड़ रही है, पालिका की सीमा में दाखिल हुए तो विकास की गंगा बहने की एक आस जगी। परंतु अभी तक हालात जस के तस बने हुए हैं।
नगीना रोड रेलवे फाटक के पास से नवाब का अहाता में प्रवेश करते हैं तो खड़ंजा वाले रास्ते पर पानी भरा हुआ मिल जाएगा। यह पानी घरों की निकासी और बारिश का है। इस रास्ते के एक ओर घर बने हुए हैं जबकि दूसरी ओर रेलवे की जमीन में कूड़े के अंबार लगे हैं। यह कूड़ा नवाब के अहाता से ही निकालकर फेंक दिया जाता है। मोहल्ले में कुछ अंदर जाते ही टूटी हुई सड़कें शहरी विकास को मुंह चिढ़ाती हुई नजर आती हैं। यूं तो इन सड़कों की मरम्मत हो जानी चाहिए थी, लेकिन शायद प्राथमिकताओं में शामिल नहीं है।
क्या कहते हैं मोहल्लेवासी
सत्येंद्र चौधरी बताते हैं कि मोहल्ले का मुख्य रास्ता ही जर्जर हालत में है। पूरी सड़क गड्ढों में चल रही है। गड्ढों की वजह से चलना मुश्किल रहता है। कई बार सड़क को बनवाने की मांग उठाई लेकिन कोई समाधान नहीं हो सका।
अमित कुमार बताते हैं कि मोहल्ले में पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। घरों से निकलने वाला पानी नालियों के बजाये सड़कों पर बहता है। जिससे संक्रमित बीमारियों के फैलने का डर बना रहता है।
पंकज कुमार बताते हैं कि नवाब के अहाते और रामपुर बकली अब शहरी आबादी का हिस्सा है। इसके बाद भी पथ प्रकाश व्यवस्था नहीं है। बिजली महंगी होने की वजह से लोग घरों के बाहर की लाइट भी नहीं जलाते, ऐसे में सड़कों पर अंधेरा रहता है।
दीपक कुमार ने बताया कि बरसात होते ही मोहल्ले में पानी ही पानी हो जाता है। निकासी के लिए एक भी नाला नहीं है। घरों से निकलने वाला पानी भी खाली प्लॉटों में भरता है, या फि सड़कों पर ही भरा रह जाता है।
विरेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि मोहल्ले के आस पास कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। कूड़ा उठाकर सफाई होनी चाहिए। कूड़े के ढेर में निकलने वाली दुर्गंध से लोग परेशान रहते हैं। यहां ऐसा लगता ही नहीं कि कोई शहरी आबादी क्षेत्र है।
वर्जन::
पालिका की सीमा में शामिल हुई नई आबादी में सड़कों के निर्माण और अन्य व्यवस्थाओं के लिए प्रस्ताव बनाया जा चुका है। एक एक कर सभी सड़कों का निर्माण कराया जाएगा।...विकास कुमार, ईओ पालिका