- जिला अस्पताल में रोजाना पहुंच रहे वायरल डायरिया के 20 मरीज
- दो साल तक के बच्चों को वायरल डायरिया का ज्यादा खतरा
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। बदलते मौसम में बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ रही है। जिससे बच्चों को वायरल डायरिया होने का खतरा बढ़ गया है। जिला अस्पताल में वायरल डायरिया के रोजाना 20 मरीज तक पहुंच रहे हैं। बच्चों को उल्टी, दस्त आने की ज्यादा समस्या बनी हुई है।
बदलते मौसम का प्रभाव सबसे ज्यादा बच्चों को पड़ता है। क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। इस मौसम में बच्चे वायरल डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। इस मौसम में रोटा वायरस से संक्रमण से डायरिया होता है, जिसे वायरल डायरिया कहते हैं। रोटा वायरस से ग्रसित बच्चे बुखार, उल्टी, दस्त, पेट दर्द जैसी समस्या से परेशान हैं। रोटा वायरस का असर सात दिन तक रहता है। इसलिए बच्चे का इन सात दिनों में अधिक ध्यान रखें। जिन बच्चों को रोटा वायरस का टीका लगा हुआ है, उनमें वायरल डायरिया का प्रभाव कम देखने को मिल रहा है। दो साल तक के बच्चों को वायरल डायरिया का ज्यादा खतरा है। बच्चों को डायरिया से बचाने के लिए साफ-सफाई का ध्यान रखें।
वायरल डायरिया से ऐसे करें बचाव
- बच्चों को रोटा वायरस का टीका लगवाएं
- बच्चों को ओआरएस का घोल पिलाएं
- बच्चे के नाखून साफ रखें
- बच्चे के आसपास सफाई का पूरा ध्यान रखें
- बच्चे को प्लास्टिक की शीशी में पानी नहीं पिलाएं
- बच्चे को गुनगुना पानी पिलाएं
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बदलते मौसम में वायरल डायरिया का ज्यादा खतरा बढ़ गया है। जिला अस्पताल में वायरल डायरिया से ग्रसित बच्चों की संख्या बढ़ रही है। बच्चों को ज्यादा बाहर नहीं घुमाएं। उनके खानपान का ध्यान रखें - डॉ. सुरेंद्र सिंह, बाल रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल
इस समय 50 बच्चों की ओपीडी में करीब 20 बच्चे वायरल डायरिया से ग्रसित आ रहे हैं। इलाज में लापरवाही बरतने पर डायरिया से बच्चों की तबीयत बिगड़ जाती है। इसलिए कुछ भी दिक्कत होने पर तुंरत चिकित्सक को दिखाएं - डॉ. विभू शर्मा, बाल रोग विशेषज्ञ