एक सितंबर 2017 को पुलिस ने जिला सहकारी बैंक से पकड़ा था
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नगीना अनुपम सिंह ने जिला सहकारी बैंक कोतवाली देहात में घुसकर चोरी का प्रयास करने का दोषी पाते हुए इकरार को तीन वर्ष के कारावास एवं 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
कोतवाली देहात की पुलिस एक सितंबर 2017 को गश्त पर थी। रात्रि करीब डेढ़ बजे चौकीदार भगत राज भंडारी ने पुलिस को सूचना दी कि जिला सहकारी बैंक के अंदर से खटखट की आवाज आ रही है। पुलिस बैंक के पास जीने से ऊपर पहुंची तो एक व्यक्ति निगरानी कर रहा था। वह छत से कूद कर भाग गया। दो सिपाहियों ने उसका पीछा किया, लेकिन वह अंधेरे का लाभ उठाकर भाग निकला।
बाद में अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर बैंक को घेर कर पुलिस छत के रास्ते जाल से नीचे पहुंची। बैंक के अंदर मौजूद व्यक्ति ने पुलिस पर फायर कर दिया। पुलिस ने फायर करने वाले को पकड़ लिया। उसने अपना नाम इकरार निवासी शाही कॉलोनी कोतवाली देहात बताया।
उसके पास से एक तमंचा, कारतूस एवं उसके पास से बैग भी मिला। इसमें 38 गुच्छे में करीब 400 चाबियां थी। वह लोहे की आरी, ब्लड व अन्य समान था। पुलिस ने मैनेजर को बुलाया तो मैनेजर ने बताया एक गुच्छे में बैंक की 17 जुलाई 2017 को चोरी गई चाबी थी।
इकरार ने बताया यह चाबी उसने बैंक से चोरी की थी, लेकिन इससे स्ट्रांग रूम नहीं खुला। इससे वह स्ट्रांग रूम में कुंबल लगा रहा है। पुलिस ने इस मामले में इकरार एवं उसके भाई विकार के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की थी। इस मामले में विकार को दोषी न होने पर बरी कर दिया। इकरार को धारा 457, 380, 511 आईपीसी के तहत दोषी पाते हुए सजा सुनाई।