बिजनौर। जनपद के शहरी मतदाताओं ने इस बार नगर निकाय के चुनाव में अपने मत से रोचक परिणाम दिया है। नगर निकाय चुनाव में जनता ने राजनीतिक पार्टी भाजपा, रालोद, सपा, आप, कांग्रेस व निर्दलीय प्रत्याशियों को अपने वोटों से शहरों की सरकार की बागडोर थमा दी है। रालोद का ग्रामीण अंचल के साथ अब शहरी क्षेत्र में भी जनाधार बढ़ा है।
जनपद में 12 नगर पालिका परिषद एवं 6 नगर पंचायत अध्यक्ष पदों के लिए चुनाव हुआ और शनिवार को मतगणना हुई। मतगणना में जनपद के शहरी मतदाताओं ने किसी भी बड़ी राजनीतिक पार्टियों को इस बार निराश नहीं किया है। मतदाताओं ने जनपद भाजपा, रालोद, सपा, आप, कांग्रेस व निर्दलीय प्रत्याशियों को मत देकर पालिका अध्यक्ष पद पर विराजमान कर दिया है। मतदाताओं ने अपने वोट से स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी एक दल का वर्चस्व नहीं होने देंगे। जनता ने शहर के विकास के लिए वोट दिया है।
गत विसा चुनाव में रालोद नहीं खोल पाई थी खाता, इस बार दो सीट जीत गई
राष्ट्रीय लोकदल किसान, मजदूरों की पार्टी कहीं जाती है। कई जिलों में रालोद सपा गठबंधन से चुनाव लड़े हैं, लेकिन बिजनौर में सपा-रालोद आमने सामने से चुनाव लड़ी है। अकेले दम पर रालोद ने धामपुर नगर पालिका अध्यक्ष रवि चौधरी व नहटौर पालिका अध्यक्ष अनस इकरार ने जीत हासिल की। गौरतलब है कि गत विधानसभा चुनाव में रालोद सपा के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ी थी, लेकिन जनपद में अपना खाता नहीं खोल पाई थी। नगर निकाय चुनाव में दो सीट अपनी हिस्से में कर दी है। रालोद जिलाध्यक्ष नागेंद्र पंवार व पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक चौधरी एवं महावीर सिंह ने जनता पार्टी के साथ खड़ी हो रही है और आने वाले चुनाव में और अच्छा प्रदर्शन करेगी।