-बौद्धिक परीक्षा से किया गया छात्रों की शिक्षा का आकलन
-बौद्धक परीक्षा के बाद जिले के 28 फीसदी स्कूलों का स्तर निम्न पाया गया था
-रेड जोन से बाहर निकालने के लिए अधिकारी प्रधानाध्यापकों के साथ कर रहे बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। रेड जोन में आ चुके स्कूलों में अब शिक्षक वहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों का स्तर सुधाकर स्कूलों को रेड जोन से बाहर निकालेंगे। इसके लिए बीएसए और खंड शिक्षा अधिकारी रेड जोन में आए स्कूलों के प्रधानाध्यापकों के साथ बैठक करेंगे। साथ ही स्कूल को निपुण बनाने के लिए विभागीय अफसर और स्कूल प्रधानाध्यापक, प्रभारी शिक्षक कार्य योजना तैयार करेंगे। जिसके बाद स्कूलों को रेड जोन से बाहर निकाला जाएगा।
जनपद के सभी 2119 परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक स्कूलों को निपुण बनाने का काम चल रहा है। स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र कितने निपुण हुए, इसके लिए बौद्धिक परीक्षा कराई गई थी। परीक्षा में 28 प्रतिशत परिषदीय स्कूल में शिक्षा का स्तर निम्न पाया गया था। शिक्षा के स्तर और पढ़ाई में कमजोर छात्रों के स्कूल को रेड जोन में शामिल किया गया था। इन स्कूलों में शिक्षा का स्तर उठाने के लिए विभाग द्वारा कार्य किया जा रहा है। जिला समन्वयक विवेक बंसल ने बताया कि रेड जोन में आने वाले स्कूलों के प्रधानाध्यापक, प्रभारी प्रधानाध्यापक के साथ बैठक की जा रही हैं। बैठक में स्कूलों के शिक्षा स्तर को बेहतर बनाने पर चर्चा की जा रही है। शिक्षकों से पूरी लगन के साथ छात्रों को पढ़ाने के प्रेरित किया जा रहा है, ताकि सभी स्कूल समय से निपुण हो जाएं।
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रेड जोन में आए ग्रामीण और नगर क्षेत्र के स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को शिक्षा का स्तर बेहतर करने के लिए निर्देशित किया गया है। दिसम्बर 2023 तक समस्त स्कूलों को निपुण बनाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना पर चर्चा की गई।
-जयकरन यादव, बीएसए।
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