पहले ही फसल गिरने से हुए नुकसान से जूझ रहे किसानों पर पड़ी एक और मार
10 प्रतिशत नुकसान हुआ बारिश से गेहूं की फसल को
15 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है
1.53 लाख हेक्टेयर है जिले में गेहूं की फसल का कुल रक्बा
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर/अफजलगढ़। इस बार किसानों पर दोहरी मार पड़ी है। बारिश और तेज हवा से गिरी गेहूं की फसल को 10 से 12 प्रतिशत यानी करीब 15 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल का नुकसान हुआ है। इससे गेहूं का उत्पादन कम हुआ है। सरसो को पांच से आठ प्रतिशत और मसूर को तीन से पांच प्रतिशत का नुकसान माना जा रहा है। अब बारिश में गिरी फसल काटने के लिए मजूदरों ने भी मजदूरी बढ़ा दी है।
अफजलगढ़ क्षेत्र में थोड़ी गेहूं कटाई शुरु हो गई है। 2022-23 की गेहूं फसल का क्षेत्रफल 152517 हेक्टेयर हैं। तोरिया/राई सरसों का क्षेत्रफल 11230 हेक्टेयर और मसूर का क्षेत्रफल 1032 हेक्टेयर हैं।17/18 मार्च 2023 की रात्रि में तेज हवा के साथ हुई बेमौसम बारिश से रबी फसलों में नुकसान पहुंचाया है। आधे से ज्यादा जनपद में गेहूं कटाई को करीब दस दिन लगने की संभावना है। वजह, बार-बार मौसम खराब और ठंड में इजाफा होने से गेहूं नहीं पक रहा है। कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस सप्ताह में हुई बारिश से फसलों को नुकसान नहीं पहुंचा है।मंगलवार को जनपद का मौसम खराब रहा है। जनपद में बूंदाबांदी से गन्ना बुवाई, गेहूं व सरसो कटाई बाधित हो रही है। अब गेहूं कटाई होने पर मजदूरों ने मजदूरी बढ़ा दी है। किसान धर्मवीर सिंह धनकड़ एवं सुरपाल सिंह का कहना है कि पिछले सीजन में गेहूं कटाई की मजदूरी एक एकड़ में दो क्विंटल थी। अब मजदूर एक एकड़ गेहूं कटाई करने के ढाई से तीन क्विंटल मांग रहे हैं।
अगवानपुर के समीप किसान परिवार ने सुबह से ही अपने गेहूं की कटाई शुरु कर दी। किसान हरपाल सिंह, विजय सिंह, बलवंत, प्रदीप और सुरेश आदि किसानों का कहना है कि जहां पर फसलों में पानी भर गया है, वहां सप्ताह भर पानी सूखने के बाद गेहूं की कटाई का कार्य किया जाएगा।
-बोले अफसर
17 मार्च को बारिश व तेज हवा चलने से गेहूं की फसल को दस प्रतिशत नुकसान हुआ। उसके बाद हुई बारिश में हवा नहीं चलने से कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।
-डॉ. अवधेश मिश्रा, जिला कृषि अधिकारी