बिजनौर। किसान दिवस में गत पेराई सत्र का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान, बेसहारा पशु, चीनी मिलों का जल्द संचालन शुरू करने, बिजली, टूटी सड़कों का मुद्दा छाया रहा। किसानों की समस्याओं को सुनकर डीएम ने सभी अफसरों को सख्त निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का निस्तारण एक सप्ताह से पहले हो जाए।
बृहस्पतिवार को विकास भवन सभागार में किसान दिवस का आयोजन हुआ। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने कहा कि कृषि विभाग एक रजिस्टर बनाकर उसमें शिकायतों को दर्ज करे। किसान देश की रीढ़ है, उनकी समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता पर करें। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि किसान अपनी दृष्टि बदलें और परंपरागत खेती से आगे बढ़कर लाभोन्मुखी खेती की ओर अग्रसर हों। पशुपालन का कार्य करने वाले किसानों को भी केसीसी कार्ड जारी किया जा रहा है।
डीएम ने कहा कि उनका प्रयास होगा कि हर ब्लॉक में नंदी विहार बने, गन्ना मूल्य का भुगतान प्राथमिकता पर हो, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। गन्ना चीनी मिलें जितनी चीनी की बिक्री करें, उसका 90 प्रतिशत गन्ना मूल्य भुगतान करें। डीएम ने नसीरपुर मिठारी से लेकर दूधली मंदिर तक की करीब 2 किलोमीटर की सड़क क्षेत्रपंचायत या जिला पंचायत निधि से बनवाने के लिए सीडीओ से कहा।
डीएम उमेश मिश्रा ने जनपद को एक्सपोर्ट हब बनाने में किसानों से सहयोग की अपील की। कहा कि बिजनौर के उत्पाद किसी से कम नहीं है। गुड़ के एक्सपोर्ट में रुचि लें तथा अपना गुड़ उपलब्ध कराएं, उनका प्रयास होगा कि उन्हें उनके गुड़ के दोगुने दाम मिलें।
इस अवसर पर सीडीओ पूर्ण बोरा, उप कृषि निदेशक गिरीश चंद्र, जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्रा, सीवीओ डॉ .विजेंद्र सिंह, अपर जिला कृषि अधिकारी हरज्ञान सिंह, आत्मा प्रभारी योगेंद्र पाल सिंह व किसान राजेंद्र सिंह, ठाकुर रामौतार सिंह, वीरेंद्र सिंह, जय सिंह आदि उपस्थित रहे।