अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर विशेष
- असाध्य रोगों से लड़ने के लिए मजबूत बनाता है योग
- योग कर खुद को बीमारियों से रख सकते हैं दूर
- खुद को स्वस्थ रखने के लिए जगह-जगह आयोजित हो रहे योग कार्यक्रम
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। योग साधना ही नहीं, बल्कि असाध्य रोगों से लड़ने के लिए भी मजबूत बनाता है। योग ही है, जो बीमारियों से लड़ने में मदद करता है। नियमित रूप से योग करना सेहत के लाभदायक है। योग करने से हार्मोन संतुलित रहते हैं। रक्तचाप, माइग्रेन, मोटापा, शुगर आदि रोगों को दूर रखता है। साथ ही कैंसर जैसी असाध्य बीमारी की भी रोकथाम करने में सहायक है।
जंक फूड के अधिक सेवन से जीवनशैली प्रभावित हो गई है। लोगों को कई प्रकार बीमारियां हो रही हैं। ऐसे में बीमारियाें को कम करने के लिए योग कारगर साबित हो रहा है। निरंतर योगाभ्यास से सामान्य बीमारी से लेकर कैंसर रोग तक का उपचार संभव है। ठीक समय से प्राणायाम करने पर हृदय, फेफड़े एवं मस्तिष्क संबंधी समस्त रोग तो दूर होते ही हैं। साथ में मोटापा, मधुमेह, कोलेस्ट्राल, कब्ज, गैस, अम्लपित्त, सांस रोग, माइग्रेन, रक्तचाप, किडनी के रोग नहीं होते हैं। योग के साथ-साथ स्वस्थ आहार भी बेहद जरूरी है। इसलिए हरी सब्जियाें, दाल, ताजे फल, काढ़े का नियमित सेवन करना चाहिए। जिससे रोग से लड़ने में अड़चन नहीं आएगी।
योग से गंभीर बीमारियों का इलाज संभव : अरुण कुमार धनकड़
योगाचार्य अरुण कुमार धनकड़ का कहना है कि षष्ठक्रम करने से शरीर की आंतरिक शुद्धि होती है। इसमें छह क्रियाएं होती है। जिससे शरीर की सफाई होती है। इसलिए योग करने से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी भी रोकथाम संभव है। पाचन तंत्र मजबूत होता है। योग मांसपेशियों को लचीला बनाता है। नियमित रूप से योग करना चाहिए। साथ ही पौष्टिक आहार का सेवन करें।
विदेशों में योग सिखा रहे बिजनौर के योगी शिवाखंडा
बिजनौर शहर के मोहल्ला गीता नगरी निवासी चंद्रपाल सिंह के पुत्र योगी शिवाखंडा देश के अलावा विदेश में भी योग का परचम लहरा रहे हैं। वह पिछले करीब 15 वर्षों से विश्व के 50 देशों में योग और ध्यान का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। लगातार छह साल से वह स्विट्जरलैंड में योग और ध्यान की शिक्षा दे रहे हैं। शिवाखंडा बिजनौर का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गूंज रहा है। योगी शिवाखंडा का कहना है कि सकारात्मक सोच, सतर्कता, स्वच्छता, स्वस्थ आहार तथा नियमित योगाभ्यास से किसी भी गंभीर से गंभीर रोग को हराया जा सकता है।
कनाडा में योग सिखा रहे बिजनौर के आचार्य संदीप त्यागी
चांदपुर के गांव सिसौना निवासी आचार्य संदीप त्यागी पुत्र यशपाल सिंह त्यागी पिछले एक दो से ज्यादा समय से कनाडा में योग सिखा रहे हैं। साथ ही वह कनाडा में योग शिक्षक भी तैयार कर रहे हैं। कोरोना काल में उन्होंने ऑनलाइन योग सिखाया। आचार्य संदीप त्यागी विदेशी धरती पर रहकर बिजनौर का नाम रोशन कर रहे हैं। वह हजारों लोगाें को योग सिखा चुके हैं। उन्होंने योग के माध्यम से कई गंभीर बीमारियों का भी इलाज किया है।
बाबा बंगाली से ही बाबा रामदेव ने सीखे थे योग के गुर
दुनियाभर में योग गुरु के नाम से मशहूर बाबा रामदेव का नाता भी बिजनौर से जुड़ा हुआ है। दारानगर गंज के स्वर्गीय बंगाली बाबा का ही बाबा रामदेव को इस मुकाम तक पहुंचाने में बहुत बड़ा योगदान रहा। बाबा रामदेव ने शुरूआत में बाबा बंगाली के पास रहकर ही योग के गुर सीखे। जिसके बाद धीरे-धीरे बाबा रामदेव ने योग के माध्यम से बुलंदियों को छुआ।
योग के प्रति जुनून के आगे आयु नहीं बनपाई बाधा
बिजनौर। शहर के सोतियान निवासी सेवानिवृत्त शिक्षिका रश्मि गुप्ता का योग के प्रति जुनून इतना है कि उनकी आयु भी बाधा नहीं बनी है। वह पिछले एक दशक से ज्यादा समय से साधकों को स्वास्थ्य व प्रसन्न रहने के लिए योग की क्रियाएं सीखा रही हैं। रश्मि गुप्ता ने बताया कि वह गुरुदेव श्रीश्री रविशंकर से कई बार मिली और उनके ज्ञान एवं सुदर्शन क्रिया से प्रेरित होकर आर्ट ऑफ लिविंग में शिक्षक बनीं।
शिविर में योग सिखाएं। बताया कि योग, सुदर्श क्रिया मनुष्य को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनती हैं। उन्होंने धीरे अपनी टीम बढ़ाई। अपने साथ योग शिक्षक सुबोध भार्गव व हितेश भारद्वाज को जोड़ा। वह शहर से गांवों तक शिविर लगाकर प्रशिक्षुओं को ध्यान, योग व सुदर्शन क्रिया सिखा रही हैं। कोरोना में ऑनलाइन माध्यम से लोगों को योग और ध्यान सिखाया। संवाद