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Bijnor News: हमलावरों से बरामद गाड़ी और लाइसेंसी असलहा की खंगाली जा रही कुंडली

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- सड़क निर्माण कंपनी के मिक्सिंग प्लांट में आगजनी और फायरिंग का मामला
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- बिना पंजीकरण ही दौड़ रही थी हमलावरों की स्कॉर्पियों गाड़ी, नहीं मिला रिकार्ड
- निजी सुरक्षा गार्ड बताया जा रहा है पकड़ में आया एक आरोपी




संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। सड़क निर्माण करने वाली कंपनी के मिक्सिंग प्लांट में आगजनी और ताबड़तोड़ फायरिंग के मामले में पुलिस दिनभर तस्दीक में जुटी रही। हमलावरों से बरामद स्कॉर्पियों गाड़ी और लाइसेंसी असलहा की कुंडली खंगाली जा रही है। हालांकि देर शाम तक यह साफ नहीं हो सका कि असलहा का असल लाइसेंसीधारक कौन है। वहीं, गाड़ी भी बिना पंजीकरण ही दौड़ रही थी। उधर इस केस में मुख्य आरोपी बनाए गए भाजपा विधायक ने भी प्रेस वार्ता कर षडयंत्र करार दिया।
शिवाला कलां पुलिस ने पकड़े गए आरोपी संदीप पुत्र सुनील निवासी कुहीकलां जनपद जौनपुर और नरदेव पुत्र सौदान सिंह निवासी ताजपुर बिजनौर का चालान कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया। आरोपी संदीप को विधायक का निजी सुरक्षा गार्ड बताया जा रहा है।
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बता दें कि नूरपुर से स्योहारा तक सड़क के चौड़ीकरण का ठेका गाजियाबाद की जीएस इंफ्राटेक प्रा. लिमिटेड को मिला है। इस कंपनी का मिक्सिंग प्लांट शिवालाकलां क्षेत्र के बेलावाला पुलिस चौकी के पास लगा हुआ है। आरोप है कि सोमवार की रात करीब दो बजे 15 से 20 हमलावर गाड़ियों से प्लांट पर पहुंचे, जिन्होंने ताबड़तोड़ फायरिंग की। साथ ही प्लांट की मशीनों, ट्रकों और बाइक आदि में लगा दी। चौकीदार को भी फायरिंग में छर्रे लगे थे।
इस मामले में कंपनी के मैनेजर रघुवीर पुंडीर की ओर से धामपुर से भाजपा विधायक अशोक राणा और उनके बेटे प्रियंकर राणा को नामजद करते हुए रंगदारी मांगने समेत अन्य संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोप था कि लगातार रुपयों के डिमांड की जा रही थी। पहले भी विधायक के लोगों ने सात सितंबर 2023 को मशीनरी, पेपर वेयर, रोलर हथियार दिखाकर ड्राइवर से छीन लिए थे। उक्त मशीनरी 6 दिन के बाद क्षतिग्रस्त हालत में मिली थी। आरोप था कि 22 अप्रैल को भी विधायक लिखी बाइकों से आए चार हथियारबंद लोगों ने काम बंद करके बिजनौर छोड़कर चले जाने के लिए धमकी दी थी। इस पूरे हमले को सड़क निर्माण के टेंडर और वसूली से जोड़कर देखा जा रहा है।

किसका है लाइसेंसी असलहा, पुलिस कर रही जांच
प्लांट पर फायरिंग और आगजनी करने के मामले में पकड़े गए आरोपियों के पास से दो लाइसेंसी रिवाल्वर और दो पंप एक्शन गन समेत कारतूस और स्कॉर्पियो गाड़ी बरामद की गई है। इन असलहा के लाइसेंस धारक कौन है, इसके लिए पुलिस दिनभर जांच में जुटी रही। उधर, स्कॉर्पियों गाड़ी का भी पंजीकरण नहीं मिला है। हालांकि चेचिस नंबर के आधार पर पुलिस को पता लगा है कि उक्त गाड़ी 2014 में खरीदी गई थी। 2017 के बाद यह गाड़ी किसके पास पहुंची, इसकी जांच की जा रही है।

फिल्मी अंदाज में मचाया था तांडव
प्लांट में पहुंचकर बेखौफ हमलावरों ने फिल्मी अंदाज में ताडंव मचाया था। पेट्रोल और कैरोसिन छिड़कर प्लांट को आग के हवाले किया गया था। गश्त कर रही पुलिस का सायरन सुनकर हमलावर भाग निकले थे। इसके बाद पुलिस ने दमकल की गाड़ियों को बुलाकर आग पर काबू पाया।
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पकड़े गए दो हमलावरों का चालान करते हुए कोर्ट में पेश किया गया है। बाकी की तलाश के लिए दबिश जा रही है। बरामद असलहा के लाइसेंस की जांच की जा रही है। स्कॉर्पियों पुरानी है, साल 2017 के बाद किसके पास थी, इसका पता किया जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज के साथ साथ सीडीआर भी देखी जा रही है। ....नीरज कुमार जादौन, एसपी
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