- हाथियों पर बैठकर की जाएगी गुलदार की तलाश
- तेलीपुरा में गुलदार के हमले में युवक की मौत के बाद वन विभाग ने उठाया कदम
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर/नगीना। तेलीपुरा गांव में गुलदार के हमले में युवक की मौत के बाद आखिरकार वन विभाग और प्रशासन को सख्त कदम उठाना पड़ा। युवक को मारने वाले गुलदार को नरभक्षी घोषित कर दिया गया है, जिसे मारने के लिए विशेषज्ञों की टीम लखीमपुर से बिजनौर के लिए रवाना हो चुकी है। यह टीम दो हाथी भी लेकर आ रही है। हाथियों पर बैठकर गुलदार को तलाशा जाएगा। उधर, युवक का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। पोस्टमार्टम हाउस से लेकर गंगा घाट तक भाकियू पदाधिकारियों समेत सैकड़ों लोगों की भीड़ मौजूद रही।
शुक्रवार को मृतक संदीप के शव का पोस्टमार्टम हुआ। पोस्टमार्टम से पहले ही जिला अस्पताल में सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो चुकी थी। यह भीड़ आक्रोशित होकर कलक्ट्रेट की तरफ कूच नहीं कर जाए, इसके लिए सुरक्षा के कड़े इंतमाम किए गए। क्योंकि आशंका जाहिर की जा रही थी कि यह भीड़ शव को लेकर कलक्ट्रेट पहुंच सकती है या फिर जाम भी लग सकता है। ऐसे में सीओ सिटी अनिल कुमार, नगीना कोतवाल रविंद्र वशिष्ठ, शहर कोतवाल जीत सिंह मय पुलिस फोर्स के मौजूद रहे। भाकियू के मंडल अध्यक्ष बाबूराम तोमर ने संगठन की ओर से गुलदार को नरभक्षी घोषित करने की मांग रखी थी, जिस पर बिजनौर प्रशासन की ओर से शासन को पत्र भेजा गया, आनन फानन शासन ने भी गुलदार को नरभक्षी घोषित कर दिया।
वन अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति
जिलाधिकारी को लिखे गए पत्र में एसडीएम नगीना शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि घटना के बाद वन क्षेत्रीय रेंज अधिकारी करीब ढाई घंटे बाद व डीएफओ व एसडीओ अन्य स्टाफ लगभग साढ़े पांच घंटे बाद मौके पर पहुंचे, जिससे कानून व्यवस्था भंग होने की स्थिति उत्पन्न हो गई। एसडीएम ने अपने पत्र में डीएफओ नजीबाबाद, राजीव चौधरी, ज्ञान सिंह व अंशुमन मित्तल के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने कि संस्तुति की है।