तीन दिन में 1,18,480 काॅपियां जांची गईं, विद्यालयों में शिक्षकों की कमी मूल्यांकन में चुनौती
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। शासन ने मूल्यांकन कार्य की समीक्षा की। जिले के तीनों मूल्यांकन केंद्रों पर तीन दिन में 1,18,480 काॅपियां जांची गई हैं। शासन ने मूल्यांकन तय समय में पूरा करने के लिए वैकल्पिक परीक्षकों की नियुक्ति शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर की उत्तर पुस्तिकाओं के जांचने काम 18 मार्च से चल रहा है। 19 मार्च की शाम शासन ने मूल्यांकन कार्य की बिंदुवार समीक्षा की। समीक्षा में शासन के शिक्षा सचिव, प्रमुख सचिव, माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव मौजूद रहे। समीक्षा में जिले का मूल्यांकन कार्य संतोषजनक मिला। अधिकारियों को बताया गया कि दो दिन में 50 हजार से अधिक उत्तर पुस्तिकाएं जांची जा चुकी हैं। प्रतिदिन औसतन 50,000 से अधिक काॅपियां जांची जा रही हैं। शासन से निर्देश मिले हैं कि मूल्यांकन एक अप्रैल तक हर हालत में निपटाने के लिए तुरंत विषयवार वैकल्पिक परीक्षकों की नियुक्ति करें।
कुछ विषयों का मूल्यांकन समय से निपटना चुनौती
जिले में तीन मूल्यांकन केंद्र हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार मूल्यांकन केंद्रों पर गृहविज्ञान, जीवविज्ञान आदि कुछ विषयों की काॅपी काफी संख्या में आई हैं। परंतु इन विषयों के परीक्षक कम हैं। जिले के माध्यमिक विद्यालयों में कुछ विषयों के शिक्षकों का भारी टोटा है। जिससे परीक्षकों की कमी है। हालांकि शिक्षा विभाग मूल्यांकन कार्य समय से निपटने के लिए पूरे जोर लगाए हैं, परंतु शिक्षकों की कमी के चलते यह बड़ी चुनौती है।
पर्यवेक्षक नियुक्त करने के निर्देश
शासन ने समीक्षा बैठक में मूल्यांकन कार्य को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए मूल्यांकन केंद्रों पर पर्यवेक्षक नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं। डीआईओएस रामाज्ञा कुमार के अनुसार शासन के निर्देश के अनुपालन में सुभाष चंद्र को आरजेपी इंटर काॅलेज, राकेश कुमार को बीआईसी तथा डॉ. निशांत कुमार को जीजीआईसी मूल्यांकन केंद्र पर पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। पर्यवेक्षक की प्रतिदिन रिपोर्ट डीआईओएस के माध्यम से शासन को जाएगी।