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Bijnor News: अमानगढ़ में पर्यटन से बदल रही केहरीपुर की सूरत

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अमानगढ़ में केहरीपुर रेज अब।
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- एक साल पहले जहां होता था जलभराव, वहां बन गई हट
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- अमानगढ़ जंगल सफारी से गांव में कई लोगों को मिला रोजगार
- बजट नहीं मिला, लेकिन रेंज के कर्मचारियों ने श्रमदान से कराया काम
संवाद न्यूज एजेंसी
रेहड़(बिजनौर)। अमानगढ़ में पर्यटन शुरू होने के केहरीपुर की सूरत बदलने लगी है। गांव के लोग इसे अपनी तरक्की के लिए द्वार खुलना मान रहे हैं। वहीं केहरीरपुर में जहां एक साल पहले जलभराव जैसी स्थिति थी, वहां अब पर्यटकों के लिए बैठने के लिए बने हट नजर आ रहे हैं। पर्यटन ने गांव के 20 से ज्यादा लोगों को रोजगार भी दे दिया है।
अमानगढ़ रेंज में गत वर्ष 15 नवंबर से पर्यटन शुरू होने के बाद केहरीपुर रेंज कार्यालय परिसर की पूरी तरह कायापलट हो गई है। दो प्रवेश द्वार, बाउंड्री बाल, नई बनी काटेज, रेंज कार्यालय, बंबू कैफेटेरिया, बुकिंग कार्यालय, महिला पुरुष टायलेट के साथ साथ परिसर में जगह जगह रखे फ्लेक्सी स्टैंड तथा मनमोहक फ्लोवर प्लांट परिसर की खूबसूरती में चार चांद लगा रहे है। जबकि पूर्व में यह सुविधा पर्यटको के लिए नही थी।
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खासकर बुकिंग कार्यालय के बाहर पर्यटकों के स्वागत में लगा बोर्ड सभी को लुभा रहा है। पर्यटक इसके समीप खड़े होकर खूब सेल्फी लेकर आन्नद उठा रहे हैं। यहीं नहीं जंगल सफारी में जिप्सी इन्हीं गांव के लोगों की लगाई गई है। वहीं केहरीपुर और आसपास के करीब 14 से ज्यादा लोग इन जिप्सियों पर ड्राइविंग कर रहे हैं। तो करीब 15 लोग गाइड का काम भी कर रहे हैं।
पर्यटकों की सुविधा का रखा जा रहा ध्यान: वन क्षेत्राधिकारी
अमानगढ़ वन क्षेत्राधिकारी खुशबू उपाध्याय ने बताया कि जब चार्ज संभाला था तो केहरीपुर चौकी पर जगह-जगह जलभराव था। रेंज के कर्मचारियों ने मिलकर श्रमदान किया और वहां की सूरत बदल दी। विभाग का लगातार प्रयास है कि बाहर से आने वाले पर्यटक यहां से एक अच्छा संदेश लेकर जाए, जिसके विकास के लिए भविष्य में भी अभी बहुत काम करना बाकी है। उसके लिए प्रयास चल रहे हैं। वन क्षेत्र से लगे गांव केहरीपुर को भी अब उड़ान के पंख लग गए हैं।


गांव के मार्गों पर इंटरलॉकिंग, बच्चों के लिए बनेंगे पार्क
गांव के सभी मार्गों पर इंटरलॉकिंग सड़कें, बच्चों के लिए पार्क तथा युवाओं के प्रतियोगिताओं की तैयारी सहित गांव में बनी लाइब्रेरी गांव के विकास को प्रदर्शित कर रही है। गांव के आठ युवाओं के नेचर गाइड जबकि चार युवाओं जिप्सी चालक बन जाने से परिवार के आय से संसाधन बढ़े हैं।

पर्यटन से विकास को बढ़ावा मिलेगा: भूपेंद्र कुमार
प्रधान पुत्र तथा इको डेवलपमेंट कमेटी के अध्यक्ष भूपेंद्र कुमार ने बताया कि पर्यटन शुरू होने से गांव में विकास होगा। सभी ग्रामीण पर्यटकों के साथ अतिथि देवों भव: का व्यवहार अपना रहे हैं।

धरातल पर दिखने लगा है विकास: मंजू सिंह
केहरीपुर निवासी मंजू सिंह ने बताया कि केहरीपुर में एक साल पहले तक हालात अच्छे नहीं थे। जबकि अब हालात सुधरे हैं। गांव के लोग अब केहरीपुर में फोटो सेशन और सेल्फी ले रहे हैं। अपने दूर के परिचितों को बता रहे हैं कि किस तरह पर्यटन ने यहां के हालात बदल दिए हैं।
अभी और काम की जरूरत: राजेंद्र सिंह
राजेंद्र सिंह ने बताया कि अभी गांव में और व्यवस्थाओं की जरूरत है। प्रयास किए जा रहे हैं कि पर्यटकों के लिए होम स्टे की व्यवस्था भी की जाए। यदि पर्यटन को इसी तरह बढ़ावा मिला तो अमानगढ़ के साथ केहरीपुर का नाम भी लिया जाएगा।
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गांव के लिए शुभ संकेत: ब्रह्मपाल
ब्रह्मपाल सिंह कहते हैं कि पर्यटन शुरू होना गांव के लिए एक शुभ संकेत है। पर्यटन भविष्य में ओर भी अधिक क्षेत्र के विकास में सहायक सिद्ध होगा। वहीं इससे सरकार को भी अधिक राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है। वहीं गांव के लोगों की आय भी बढ़ेगी।

अमानगढ़ में केहरीपुर रेज अब।

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