- शासन से प्राथमिकता वाली योजनाओं की हो रही है सीधी निगरानी
- पंचायतों में साप्ताहिक सचिव वीडियो कांफ्रेंस व्यवस्था हुई लागू
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिले के 1800 गांव की सूरत बदल जाएगी, दरअसल इन गांव को मॉडल बनाया जाना है। इसके लिए कवायद धरातल पर उतरने लगी है। राजस्व गांवों का चयन हो चुका है। इनमें विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की शासन स्तर से माॅनीटिरिंग हो रही है।
शासन का गांवों का सर्वांगीण विकास प्राथमिकता है। इसलिए गांवों के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा आदि कि 12 से अधिक योजनाओं को लागू किया गया है। अब शासन ने हर गांव को विकास के दृष्टिकोण से माडल गांव के रूप में विकसित करने का फैसला लिया है। डीपीआरओ शास्वत आनंद के अनुसार जिले में 1123 ग्राम पंचायत के 1800 राजस्व गांवों का चयन किया गया है।
जिला वर्ष 2017 में खुले में शौच मुक्त अर्थात ओडीएफ हो गया है। चयनित करीब 1800 गांव ओडीएफ के दृष्टिकोण से माडल गांव बनेंगे। गांवों में तरल व ठोस अपशिष्ट के निस्तारण की व्यवस्था होगी। साफ सफाई की व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए कई अहम फैसले लिए जा रहे हैं।
निगरानी के लिए सचिवों की हो रही वीसी
डीपीआरओ शास्वत आनंद के मुताबिक ग्रामीणों की शिकायतों का एक छत के नीचे निपटारा करने के लिए पंचायतों में मिनी सचिवालय व्यवस्था लागू है। विभिन्न विभागों के कर्मचारी सचिवालय में बैठते हैं। अब शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति जानने के लिए रोस्टर के अनुसार पंचायत सचिवों की सप्ताह में एक दिन शासन से वीडियो कान्फ्रेंस हो रही है। सीडीओ पूर्ण बोरा स्वयं निगाह रख रहे हैं।