नहटौर। गुरुगद्दी दरबार फुलसंदा आश्रम में रविवार को आयोजित सत्संग में बाबा फुलसंदे वालों ने कहा कि मनुष्य के भीतर जब विद्या और ज्ञान का उदय होता है तो उसके अंदर ईश्वर तत्व भी जागृत होने लगता है। ज्ञान ही मनुष्य को सही और गलत का अंतर समझाता है और उसके विचारों को सही दिशा देता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य संसार में रहते हुए भी उसके मोह से दूर रह सकता है। वह परिवार और समाज की जिम्मेदारियां निभाते हुए अपने दैनिक कार्य करे, लेकिन उसका मन परमात्मा में लगा रहना चाहिए। संसार के बीच रहते हुए भी ध्यान परमात्मा की ओर रखना चाहिए। बाबा ने कहा कि लोगों से बातचीत और अपने कार्यों को करते समय भी मनुष्य को परमात्मा का स्मरण करते रहना चाहिए। उसकी दिव्य वाणी को अंत:करण से सुनने का प्रयास करना चाहिए। जब मनुष्य का मन ईश्वर से जुड़ता है तो जीवन में शांति और सकारात्मकता आने लगती है।