उधर, बिजनौर बैराज से गंगा में एक लाख 25 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जबकि हरिद्वार के भीमगोड़ा बैराज से सिर्फ एक लाख दो हजार क्यूसेक पानी ही छोड़ा गया था। उधर, मालन और कोटावाली और अन्य सहायक नदियों में पानी आने की वजह से बिजनौर बैराज पर गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा। यूं ही बारिश होती रही तो गंगा के खादर में फिर से बाढ़ जाएगी।
बता दें कि पिछले सप्ताह गंगा खतरे के निशान को पार कर गई थी, जिसके बाद रविवार आते आते गंगा का जलस्तर कम हुआ, लेकिन अब कटान होने लगा था। पहले बाढ़ झेल रहे खादर वासियाें को कटान का डर लगने लगा था, अब फिर से बाढ़ को लेकर खादर के लोग चिंतित है।
इस बार गंगा की बाढ़ ने खादर इलाकों में हजारों बीघा फसल को बर्बाद करके रख दिया है। गन्ने की फसल में काफी नुकसान है। धान और चारे की फसल पहले ही चौपट हो चुकी थी।