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लंपी स्किन रोग की चेन को करना है ब्रेक : नोडल अधिकारी

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बिजनौर में विकास भवन में लंपी बीमारी के संबंध में बैठक लेते नोडल अधिकारी कृपाल सिल्कू। - फोटो : BIJNOR
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बिजनौर। शासन से नामित नोडल अधिकारी, प्रबंध निदेशक पीसीडीएफ कृपाल सिल्कू ने मंगलवार को जनपद के लंपी स्किन रोग से प्रभावित गोवंश व गो आश्रय स्थलों का निरीक्षण किया। साथ ही विकास भवन में बीमारी के संबंध में अधिकारियों की समीक्षा मीटिंग ली। नोडल अधिकारी कृपाल सिल्कू ने कहा कि लंपी स्किन रोग वायरल की चेन को तोड़ना है। इसलिए बीमार पशुओं का समय से उपचार, पशुओं के नीचे व आसपास साफ-सफाई, स्प्रे आदि का विशेष ध्यान देना है।
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नोडल अधिकारी कृपाल सिल्कू ने प्रशासनिक व पशु चिकित्सा अधिकारियों के साथ अगरी, नजीबाबाद, वृहद गो-आश्रय स्थल फरजपुर, कान्हा पशुशाला बिजनौर का निरीक्षण किया। अगरी में पशुओं को देखने के साथ ग्रामीणों, पशुपालकों से वार्ता की। नोडल अधिकारी ने ग्रामीणों से बीमार पशु को अलग रखने, पशुओं के नीचे व आसपास साफ-सफाई रखने, बीमार पशु की सूचना चिकित्सकों को देने के बारे में बताया। बाद में विकास भवन सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक ली। बैठक में आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए कहा कि गांवों, गो-आश्रय स्थलों पर साफ-सफाई, कीटनाशक दवाईयों का स्प्रे, मच्छरों के फॉगिंग आदि कराएं। बीमार पशु को तुरंत उपचार दिया जाए। साथ ही पशुओं की देख रेख व बीमारी के लक्षण, उपचार आदि के लिए पशुपालकों को प्रशिक्षण दिया जाए। बैठक में जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, सीडीओ पूर्ण बोरा, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजेंद्र सिंह, डीपीआरओ सतीश कुमार आदि विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
जिले में 398 पशु रोग से पीड़ित
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजेंद्र सिंह ने बताया कि जनपद में 398 पशु लंपी स्किन रोग से पीड़ित है। इनका उपचार चल रहा है। उपचार से जिले के करीब 90 पशु सही हो गए हैं।
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