बिजनौर। प्राथमिक सहकारी समितियों और ब्लॉक स्तरीय सहकारी संघ के बोर्ड का गठन होने के बाद अब जिला स्तरीय सहकारी संस्थाओं के चुनाव का बिगुल बज गया है। जिला सहकारी विकास संघ और जिला सहकारी बैंक की प्रबंध समितियों का चुनाव इसी महीने होना है। वहीं गन्ना समितियों के चुनाव जुलाई में होना तय हो चुके हैं।
जिला सहकारी विकास संघ में संचालक बनने के लिए सहकारिता की राजनीति में हलचल चालू हो गई है। संचालक बनने की जुगत में किसान नेता गठजोड़ करने में लगे हैं। राजनीतिक लोग चुनाव में अपने संचालक बनाने को राजनीतिक गोटियां बिछा रहे हैं। सत्ताधारी पार्टी का आशीर्वाद पाकर अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए दिग्गजों की शरण में हैं।
बता दें कि जिला सहकारी विकास संघ में संचालक पद के लिए आठ जून को नामांकन और 12 जून को मतदान होगा। वहीं सभापति पद के लिए 13 जून को मतदान होना है। जिलेभर से 13 संचालक चुने जाएंगे। इनके निर्वाचन क्षेत्रों का निर्धारण हो चुका है। निर्वाचन क्षेत्रों के तय होने के बाद ही सहकारी विकास संघ के सदस्यों से संपर्क साधने में लगे हैं। यह चुनाव खत्म होते ही जिला सहकारी बैंक के चुनाव का बिगुल बज जाएगा। क्योंकि सहकारिता के दिग्गजों की इस पर निगाह टिकी हुई है।
जिला सहकारी बैंक में संचालक पद के चुनाव को अनन्तिम मतदाता सूची का प्रदर्शन 15 जून को होगा। जिस पर 16 जून को आपत्तियां दाखिल की जाएंगी। बैंक की प्रबंध समिति में संचालक पद के लिए 18 जून को नामांकन दाखिल किए जाएंगे। संचालक पद के लिए 22 जून को मतदान होना है। जबकि बैंक सभापति पद के लिए 23 जून को मतदान होगा।
- गन्ना समितियों में 20 जून से होगी प्रक्रिया चालू
उधर जिले की सहकारी गन्ना समितियों के चुनाव का कार्यक्रम भी जारी कर दिया गया है। बता दें कि जिले में नौ सहकारी गन्ना समितियां हैं। शनिवार को संचालक पदों के लिए निर्वाचन क्षेत्रों का आरक्षण प्रकाशित करते हुए आपत्तियां मांगी गई हैं। सात दिनों तक आपत्ति दाखिल की जा सकती हैं। सहकारी गन्ना समितियों के प्रतिनिधियों के चुनाव को 23 जून को नामांकन दाखिल किए जाएंगे। प्रतिनिधियों का मतदान तीन जुलाई को होगा। वहीं संचालक पद के लिए 12 जुलाई को नामांकन और 17 जुलाई को चुनाव होगा। वहीं गन्ना समितियों के सभापति का चुनाव 18 जुलाई को होना है।