मंडावली/नजीबाबाद। लकड़हान नदी में रपटा व पुल न होने से कई गांवों के लोगों को आवाजाही में परेशानी होती है। बरसात में नदी का जलस्तर बढ़ने से सिकरौड़ा-लाहकला संपर्क मार्ग पर आवागमन बंद हो जाता है। ग्रामीण कई वर्षों से नदी पर रपटा बनवाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
मंडावली क्षेत्र का सिकरौड़ा-लाहक कला मार्ग कई गांवों को जोड़ता है। ग्रामीण बिजेंद्र सिंह, चमन सिंह, छोटे सिंह, राकेश कुमार, दिनेश कुमार, फुरकान अहमद का कहना है कि इस संपर्क मार्ग से गांव सिकरौड़ा, राजपुर नवादा, कल्याणपुर, लालपुर, कल्लरवाली, जसपुर, रघुनाथपुर के लोगों का आवागमन रहता है, लेकिन मार्ग के बीच लकड़हान नदी पर रपटा व पुल न होने के कारण लोगों को नदी के जल से होकर गुजरना पड़ता है। बरसात में नदी का जलस्तर बढ़ जाने से मार्ग पर आवागमन बंद हो जाता है, जिससे दर्जनों गांवों के लोगों को नजीबाबाद जाने के लिए दोगुना सफर तय करना पड़ता है। वहीं गांव लालपुर, राजपुर नवादा और सिकरौड़ा के ग्रामीणों को मंडावली से नांगलसोती होते हुए बरकातपुर चीनी मिल तक गन्ना ढुलाई करने लंबी दूरी का सफर तय करना पड़ता है। क्षेत्रीय ग्रामीणों विधायक तसलीम अहमद समेत कई जनप्रतिनिधियों से नदी पर रपटा बनवाने की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
बरसात में बढ़ जाती है ग्रामीणों की मुश्किलें
लकड़हान नदी का जलस्तर सामान्य दिनों में कम होने पर ग्रामीण सिकरौड़ा-लाहक कला मार्ग पर जैसे तैसे आवागमन कर लेते हैं, लेकिन बरसात में ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ जाती है। नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी पार करना ग्रामीणों के लिए जोखिम भरा हो जाता है। सिकरौडा, राजपुर नवादा, लालपुर के किसानों की खेती नदी पार होने से किसानों को भारी परेशानी होती है। गन्ना पेराई सत्र में इन गांवों के किसानों को लाहक कला, शेखुपुरा, मंडावली होते हुए 10 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर काटकर बरकातपुर चीनी मिल पहुंचते है।